साइबर ठगों का आतंक! जबलपुर में एक ही दिन 5 बड़े ऑनलाइन फ्रॉड, मोबाइल हैकिंग से लेकर फर्जी CBI बनकर लाखों की ठगी
साइबर ठगों का आतंक! जबलपुर में एक ही दिन 5 बड़े ऑनलाइन फ्रॉड, मोबाइल हैकिंग से लेकर फर्जी CBI बनकर लाखों की ठगी

जबलपुर में साइबर ठगों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। शहर के गोरखपुर, गोहलपुर और कुण्डम थाना क्षेत्रों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के पांच बड़े मामले सामने आए हैं। कहीं मोबाइल हैक कर बैंक खाते साफ कर दिए गए, तो कहीं फर्जी फेसबुक विज्ञापन दिखाकर बाइक बेचने के नाम पर ठगी की गई। इतना ही नहीं, एक महिला को फर्जी CBI अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाया गया और उससे डेढ़ लाख रुपये के करीब की रकम ठग ली गई। सभी मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर थाना क्षेत्र निवासी आशीष केशरवानी ने शिकायत दर्ज कराई कि मोबाइल अपडेट होने के बाद उनका फोन बंद हो गया। दो दिन बाद सिम चालू करने पर पता चला कि उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 34 हजार 852 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी गोरखपुर थाना क्षेत्र के अमित बेन के साथ भी साइबर ठगी हुई। टाटा स्काई रिचार्ज के नाम पर आए फोन कॉल के दौरान ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर 84 हजार रुपये बैंक खाते से पार कर दिए। वहीं अभिषेक रैकवार फेसबुक पर फर्जी सेना अधिकारी की प्रोफाइल देखकर बाइक खरीदने के झांसे में आ गए और क्यूआर कोड स्कैन कर 40 हजार 500 रुपये गंवा बैठे।
सबसे सनसनीखेज मामला गोहलपुर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली प्रीति पटेल को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को CBI अधिकारी बताने वाले ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। फर्जी सरकारी दस्तावेज भेजकर अलग-अलग किश्तों में 1 लाख 45 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
वहीं कुण्डम थाना क्षेत्र की रहने वाली मुन्नी बाई को भी ऑनलाइन धमकी देकर 34 हजार 600 रुपये की साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस ने सभी मामलों में बीएनएस की धारा 318(4) एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर साइबर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर ठग हर दिन नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। जबलपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, क्यूआर कोड, सोशल मीडिया विज्ञापन या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर पुलिस को सूचना दें।



