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जबलपुर # आबकारी विभाग की निष्क्रियता उजागर, पुलिस ने संभाली कमान; गढ़ा में अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई, शिकायतों के बावजूद चुप रहा विभाग

SET NEWS के खुलासे के बाद गढ़ा पुलिस ने बंद कराया ‘खुफिया सुराख’

जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र के पुरवा स्थित शराब दुकान में अवैध बिक्री का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग की निष्क्रियता और संदिग्ध भूमिका एक बार फिर उजागर हुई है। स्थानीय नागरिकों द्वारा सड़क पर शराब परोसने और निर्धारित समय के बाद दुकान संचालित होने की कई लिखित शिकायतें दिए जाने के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे ठेकेदारों के हौसले बुलंद होते गए।
स्थिति तब बदली जब SET NEWS क्राइम रिपोर्टर सुनील सेन ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से उजागर किया। खबरों के प्रसारण के बाद गढ़ा पुलिस हरकत में आई और थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के नेतृत्व में तत्काल सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उस ‘खुफिया सुराख’ को बंद कराया, जिसके जरिए देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। इतना ही नहीं, दोबारा इस तरह की गतिविधि न हो, इसके लिए एक पुलिस जवान को दुकान पर तैनात कर निगरानी भी शुरू कर दी गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है, वहीं आमजन ने राहत महसूस की है।
लंबे समय से चल रही अनदेखी-
गौरतलब है कि यह शराब दुकान थाने से चंद कदमों की दूरी पर संचालित हो रही थी, इसके बावजूद लंबे समय से नियमों की खुलेआम अनदेखी होती रही। इससे न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए, बल्कि आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई।
आबकारी निभा रहा ठेकेदारों से याराना-
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आबकारी विभाग समय रहते कार्रवाई करता, तो इस तरह खुलेआम नियमों की धज्जियां नहीं उड़तीं। जनचर्चा में विभाग और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत की भी बात सामने आ रही है।
पुलिस की सराहना-
फिलहाल गढ़ा पुलिस की सक्रियता ने स्थिति को नियंत्रण में ला दिया है। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आगे भी अवैध शराब कारोबार के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, भले ही अन्य जिम्मेदार विभाग निष्क्रिय क्यों न रहें।

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