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मेडिकल अस्पताल को बदनाम करने की साजिश करने वालों पर गिरेगी गाज, डीन नवनीत सक्सेना ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

मेडिकल अस्पताल को बदनाम करने की साजिश करने वालों पर गिरेगी गाज, डीन नवनीत सक्सेना ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मेडिकल कॉलेज के डीन नवनीत सक्सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीन ने बताया कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर ऐसे वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें वास्तविक तथ्यों को नजरअंदाज कर संस्थान की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल अस्पताल प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीजों का उपचार किया जाता है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की टीम लगातार कार्य कर रही है।

डीन नवनीत सक्सेना के अनुसार, कई मामलों में मरीजों के परिजन स्वयं अपनी सुविधा और इच्छा से मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हैं, लेकिन कुछ लोग इन परिस्थितियों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गलत धारणा बनाने का प्रयास करते हैं। इस तरह की गतिविधियां न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता को भी गुमराह करती हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ऐसे सभी मामलों की निगरानी कर रहा है। जो लोग जानबूझकर झूठी, भ्रामक या अपुष्ट जानकारी फैलाकर मेडिकल अस्पताल को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीन ने यह भी कहा कि मरीजों और उनके परिजनों की निजता का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना अनुचित है और ऐसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जाएगा।

अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी खबर या वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की छवि खराब करने के उद्देश्य से किए जाने वाले किसी भी दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मेडिकल अस्पताल को बदनाम करने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।” — डीन नवनीत सक्सेना।

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