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जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र मेडिकल अस्पताल की पार्किंग में कथित वसूली का खेल! ₹10 की जगह मनमानी रकम, वायरल VIDEO से मचा हड़कंप, वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल

₹10 की पार्किंग, 3 घंटे बाद कथित अतिरिक्त वसूली का आरोप; वायरल वीडियो में महिला और पुलिसकर्मी से बहस करता दिखा पार्किंग कर्मचारी

जबलपुर। महाकौशल के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर की पार्किंग को लेकर पहले भी मरीजों और उनके परिजनों द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब एक वायरल वीडियो ने इन शिकायतों को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में पार्किंग कर्मचारी का कथित विवाद,
सामने आए वीडियो में पार्किंग कर्मचारी पियूष विश्वकर्मा नाम का युवक एक एक्टिवा सवार महिला और मौके पर मौजूद युवक से पैसे को लेकर बातचीत और बहस करता दिखाई दे रहा है। वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि पार्किंग शुल्क से अधिक राशि की मांग को लेकर विवाद की स्थिति बनी। हालांकि वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
10 शुल्क के बावजूद अतिरिक्त वसूली का आरोप,
मरीजों और उनके परिजनों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि मेडिकल अस्पताल की पार्किंग में निर्धारित शुल्क ₹10 है, लेकिन वाहन निर्धारित समय से अधिक खड़े होने पर कथित तौर पर अतिरिक्त रकम की मांग की जाती है। कुछ शिकायतों में ₹100 से ₹500 तक राशि मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
तीन घंटे के बाद वसूली को लेकर सवाल,
पार्किंग व्यवस्था में यदि निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त शुल्क का कोई नियम है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी वाहन चालकों को दी जानी चाहिए। सवाल यह है कि पार्किंग में रेट लिस्ट, समय सीमा और अतिरिक्त शुल्क की जानकारी सार्वजनिक रूप से किस तरह प्रदर्शित की गई है और वाहन चालकों को इसकी रसीद दी जा रही है या नहीं।
पहले भी उठ चुके हैं पार्किंग व्यवस्था पर सवाल,
पार्किंग को लेकर पहले भी शिकायतें और खबरें सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में नए वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि पार्किंग संचालक या कर्मचारियों द्वारा नियमों के विपरीत वसूली की जा रही है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
महिला और युवक से विवाद की स्थिति पर भी जांच जरूरी,
वायरल वीडियो में महिला और युवक के साथ कथित बहस का पहलू भी जांच का विषय है। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद बढ़ने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो सकती है। इसलिए प्रबंधन को वीडियो की वास्तविकता, संबंधित कर्मचारी की भूमिका और पार्किंग ठेके की शर्तों की जांच करनी चाहिए।
डीन और अधीक्षक से कार्रवाई की उम्मीद,
अब निगाहें मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवीन सक्सेना और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा की ओर हैं। सवाल यह है कि वायरल वीडियो और पार्किंग को लेकर सामने आ रही शिकायतों पर अस्पताल प्रबंधन क्या कदम उठाता है? क्या पार्किंग स्टैंड के शुल्क, रसीद व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और ठेके की शर्तों की जांच कराई जाएगी?
जांच से ही साफ होगी वास्तविक स्थिति,
फिलहाल पार्किंग कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली या वाहन चालकों से दुर्व्यवहार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण भी स्थिति को साफ कर सकता है।