संस्कारधानी में चाकूबाजों का खूनी आतंक! दिनदहाड़े कॉलेज छात्र की हत्या, आखिर कहां है पुलिस की पेट्रोलिंग और अपराधियों में कानून का खौफ?

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में हत्याओं और चाकूबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नजर आ रहे हैं कि अब दिनदहाड़े भी धारदार हथियारों से हमले की वारदात सामने आ रही है। ताजा मामला कुंडम थाना क्षेत्र का है, जहां दोस्तों के साथ घूमने आए 25 वर्षीय युवक अक्कू उर्फ आकाश की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। इस वारदात ने एक बार फिर पुलिस की पेट्रोलिंग और आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दोस्तों के साथ घूमने आया था, लेकिन घर नहीं लौटा आकाश,
जानकारी के अनुसार मृतक आकाश मूल रूप से कटनी जिले के ग्राम हल्का बोदा का निवासी था और कॉलेज में पढ़ाई करता था। गुरुवार को वह अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए कुंडम आया था। इसी दौरान कुंडेश्वर धाम तालाब के पास कलारी के आगे अज्ञात हमलावरों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल आकाश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक परिवार के सपने उजड़े, पिता लखन सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़,
जिस बेटे को परिवार ने पढ़ा-लिखाकर भविष्य संवारने के सपने देखे थे, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। पिता लखन सिंह के लिए यह ऐसा दर्द है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। आखिर किसी की क्या दुश्मनी थी कि एक युवा की जिंदगी ही छीन ली गई?
पुलिस पेट्रोलिंग पर सवाल, कब थमेगा चाकूबाजों का आतंक?
जबलपुर में लगातार सामने आ रही हत्या और चाकूबाजी की घटनाएं चिंता का विषय हैं। सवाल उठता है कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त कितनी प्रभावी है? क्या अपराधियों को कानून का डर नहीं रहा? आखिर अवैध हथियार लेकर घूमने वाले तत्वों पर समय रहते कार्रवाई क्यों जरूरी नहीं हो पा रही?
अब अपराधियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई का इंतजार,
पुलिस के सामने चुनौती है कि अज्ञात हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए और हत्या की असली वजह सामने लाई जाए। जरूरत है कि संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़े और चाकूबाजों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
सवाल साफ है—आखिर संस्कारधानी में आम नागरिक कब खुद को सुरक्षित महसूस करेगा? चाकूबाजों के आतंक पर लगाम लगाना अब बेहद जरूरी है।


