जबलपुर में मौत बनकर दौड़ी पिकअप! ड्यूटी पर जा रहे प्रधान आरक्षक अनिल मरावी की दर्दनाक मौत, पुलिस महकमे में पसरा मातम
कान्हा ढाबे के पास तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को मारी भीषण टक्कर, मौके पर गई प्रधान आरक्षक की जान, हादसे के बाद चालक वाहन सहित फरार

जबलपुर। वर्दी की जिम्मेदारी निभाने और ड्यूटी पर पहुंचने के लिए घर से निकले प्रधान आरक्षक अनिल मरावी को क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। बरेला बाईपास रोड पर कान्हा ढाबे के समीप एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। भीषण सड़क हादसे में प्रधान आरक्षक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ड्यूटी पर जा रहे थे प्रधान आरक्षक, रास्ते में छिन गई जिंदगी,
जानकारी के अनुसार, अनिल मरावी सिविल लाइन थाने में पदस्थ थे। वे अपनी मोटरसाइकिल से बरेला की ओर से सिविल लाइन थाना ड्यूटी ज्वाइन करने आ रहे थे। इसी दौरान कान्हा ढाबे के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी जान नहीं बच सकी।
टक्कर मारकर फरार हुआ चालक, पीछे छोड़ गया मातम,
हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। बरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस अब फरार वाहन और चालक की पहचान करने में जुटी है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस,
कान्हा ढाबे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पिकअप वाहन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश तेज कर दी है। अब सवाल है कि आखिर वह चालक कब तक कानून की गिरफ्त से बाहर रहेगा?
परिवार का सहारा छिना, पुलिस महकमे में शोक,
अनिल मरावी सिर्फ पुलिस विभाग के एक कर्मचारी नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्य और अपनों का सहारा थे। ड्यूटी पर जाते समय उनकी जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना बेहद दुखद है। जिस वर्दी को पहनकर वे दूसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते थे, उसी वर्दी के जवान की सड़क हादसे में मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों पर सख्ती की जरूरत को सामने ला दिया है।
अब पुलिस के सामने चुनौती है कि फरार पिकअप चालक की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।



