जबलपुर: सात फेरों का रिश्ता बना मौत का कारण! चरगवां में पति ने की पत्नी की हत्या,रिश्तों में आई दरार ने ले लिया खौफनाक रूप
जिसके साथ जीवन बिताने का सपना देखा, उसी पति पर जिंदगी छीनने का आरोप! पारिवारिक विवाद ने उजाड़ दिया एक महिला का संसार, आरोपी नेमचंद पुलिस हिरासत में।

जबलपुर। शादी के सात फेरे लेते समय दो लोग एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाते हैं। सुख-दुख में साथ रहने और जिंदगी की हर मुश्किल का सामना मिलकर करने का वादा करते हैं। लेकिन जब यही रिश्ता गुस्से, विवाद और हिंसा की भेंट चढ़ जाए, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है, इसकी तस्वीर जबलपुर के चरगवां थाना क्षेत्र के ग्राम भिड़की में सामने आई है। यहां एक पारिवारिक विवाद ने ऐसी दर्दनाक घटना का रूप ले लिया कि 43 वर्षीय महिला की जिंदगी ही खत्म हो गई।
घर के भीतर हुआ विवाद, बाहर आई मौत की खबर,
मृतका की पहचान सुकर्ती बाई, उम्र 43 वर्ष, पति नेमचंद भूमियां ठाकुर, निवासी ग्राम भिड़की के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रात्रि के समय पति-पत्नी के बीच किसी पारिवारिक बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान पति नेमचंद भूमियां ने डंडे से पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण सुकर्ती बाई की मौत हो गई। जिस घर में परिवार के साथ जिंदगी गुजरनी थी, उसी घर में एक महिला की जिंदगी का अंत हो गया।
आखिर इतना गुस्सा क्यों, जिसने रिश्ते को ही लहूलुहान कर दिया?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पारिवारिक विवाद इतना कैसे बढ़ गया कि बात मारपीट से आगे बढ़कर मौत तक पहुंच गई? क्या विवाद को बातचीत से सुलझाया नहीं जा सकता था? क्या कुछ पल का गुस्सा एक पूरी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया था? एक महिला की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
थाना प्रभारी सरोजिनी चौकसे ने दी जानकारी,
चरगवां थाना प्रभारी सरोजिनी चौकसे ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम भिड़की में पारिवारिक विवाद के चलते पति द्वारा पत्नी के साथ डंडे से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पति नेमचंद भूमियां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस हिरासत में आरोपी, जांच में खुलेंगे कई सवाल,
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। घटना के पीछे का विवाद क्या था, वारदात किन परिस्थितियों में हुई और इसके पहले भी पति-पत्नी के बीच कोई विवाद हुआ था या नहीं, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
एक मौत ने पूरे परिवार को दिया जिंदगी भर का दर्द,
सुकर्ती बाई अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके जाने के बाद परिवार के सामने कई सवाल और जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया है। पारिवारिक विवाद हर घर में हो सकते हैं, लेकिन विवाद का समाधान हिंसा कभी नहीं हो सकता। गुस्से में उठाया गया एक गलत कदम न केवल एक इंसान की जिंदगी छीन सकता है, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य अंधकार में धकेल सकता है।
चरगवां की यह घटना समाज के सामने एक गंभीर सवाल छोड़ गई है—आखिर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाला गुस्सा कब तक किसी की जिंदगी का दुश्मन बनता रहेगा?


