धनतेरस की रात गाजी नगर की झुग्गियों में आग का तांडव! 30 से 35 झोपड़ियां जलकर खाक, गरीब परिवारों की दीपावली पर फिरा पानी—शराबियों की लापरवाही पर महिला ने उठाए सवाल

जबलपुर। एक तरफ पूरा शहर धनतेरस की खुशियां मना रहा था, घरों में दीप जलाने और दीपावली की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ गोहलपुर थाना क्षेत्र के गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में आग की लपटों ने कई गरीब परिवारों के सपनों को राख में बदल दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एक के बाद एक झोपड़ियां आग की चपेट में आती चली गईं। चारों तरफ धुआं, चीख-पुकार और अपने घरों को बचाने की कोशिश करते बेबस लोग नजर आए।
धनतेरस की खुशियां मातम में बदलीं, आंखों के सामने उजड़ गए आशियाने!
गाजी नगर की बस्ती में आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। किसी ने बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ लगाई तो कोई अपने घर का बचा हुआ सामान निकालने की कोशिश करता दिखाई दिया। जिन परिवारों ने दीपावली के लिए छोटी-छोटी खुशियां जुटाई थीं, उनके सामने अचानक जिंदगी की सबसे बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। त्योहार से ठीक पहले कई परिवारों के सिर से छत छिनने जैसी स्थिति बन गई।
महिला का आरोप—शराब पीकर सिगरेट फेंकते हैं लोग, इसी लापरवाही से लगी आग!
इस आगजनी के बाद बस्ती में रहने वाली एक पीड़ित महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि जिस इलाके में आग लगी है, वहां कुछ लोग बैठकर शराब पीते हैं और शराब पीने के बाद जलती हुई सिगरेट वहीं फेंक देते हैं। महिला ने आशंका जताई कि इसी तरह की लापरवाही आग लगने की वजह हो सकती है। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
CSP अखिलेश गौर मौके पर पहुंचे, 30 से 35 झोपड़ियां आग की चपेट में!
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश गौर भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 30 से 35 झोपड़ियों में आग लगी है। दमकल विभाग की टीमें आग बुझाने में जुटी हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान और घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी आगजनी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल!,
जबलपुर में एक सप्ताह के भीतर आगजनी की दूसरी बड़ी घटना सामने आने से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर रहवासी बस्तियों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कोई व्यवस्था नहीं हो सकती? इन सवालों के जवाब प्रशासन को तलाशने होंगे।
दीपावली से पहले गरीब परिवारों की खुशियां राख में तब्दील!
दीपावली का त्योहार रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन गाजी नगर की बस्ती के कई परिवारों के लिए यह त्योहार दर्द और बेबसी लेकर आया है। जिन घरों में दीप जलने थे, वहां आग ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया। अब इन परिवारों को राहत, मदद और दोबारा अपना आशियाना खड़ा करने के लिए प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखना पड़ रहा है।
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