जबलपुर: जीएसटी छापा मार कार्रवाई में बड़ा खुलासा: महाकौशल के गुटका सिंडिकेट का भंडाफोड़
जीएसटी छापा मार कार्रवाई में बड़ा खुलासा: महाकौशल के गुटका सिंडिकेट का भंडाफोड़

जबलपुर के लॉर्डगंज थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। महाकौशल क्षेत्र के गुटका और सुपारी माफियाओं के खिलाफ जीएसटी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के लिए बनाए गए एक ही परिवार के ‘सरोगेट फर्म’ नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
जीएसटी टीम की जांच में लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के कछियाना इलाके के रसूखदार व्यापारियों के नाम उजागर हुए हैं। इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य केंद्र ‘सुपर सुपारी’ फर्म के प्रोपराइटर शीलचंद्र जैन हैं। वहीं, राजश्री गुटके के बड़े माफिया छोटेलाल जैन और विकास जैन, जो पूरे महाकौशल के सुपर स्टॉकिस्ट हैं, इस अवैध साम्राज्य के पीछे का असली दिमाग हैं। टैक्स अधिकारियों से बचने और सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए इन्होंने रिश्तों का एक मायाजाल बुन रखा था।
जांच में खुलासा हुआ है कि विकास जैन ने अपने बड़े पापा शीलचंद्र जैन के पुत्र विपुल जैन (उर्फ संदीप जैन) के नाम पर एक सरोगेट यानी डमी फर्म खड़ी कर रखी थी। कागजों पर ‘एस.ए. एजेंसी नावेरिया’ (कछियाना) का संचालन विपुल जैन और अनंत जैन के नाम पर दिखाया गया था। लेकिन असल में इस फर्म की आड़ में राजश्री गुटके की ब्लैक मार्केटिंग और अघोषित स्टॉक का खेल चल रहा था। असली मालिकों ने खुद को पर्दे के पीछे रखकर अपने बेटों और भाइयों के नाम पर यह पूरा सिंडिकेट फैलाया था।
जीएसटी विभाग ने लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के इन ठिकानों से भारी मात्रा में बिना बिल का माल, अघोषित कैश और करोड़ों के संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। विपुल जैन के नाम पर चल रही इस डमी फर्म से कितनी बड़ी टैक्स चोरी हुई है, इसकी आधिकारिक गणना जारी है। इस कार्रवाई से पूरे महाकौशल के गुटका व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।



