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मदनमहल में सट्टेबाजों पर टूटी एसपी की टीम, सात गिरफ्तार, एक फरार

एसपी की स्पेशल टीम ने पकड़ा सट्टे का अड्डा! मदनमहल पुलिस क्या करती रही, कार्रवाई ने खड़े किए बड़े सवाल

जबलपुर के मदनमहल थाना क्षेत्र में लंबे समय से खुलेआम चल रहे कथित सट्टे के कारोबार का पर्दाफाश उस समय हुआ, जब पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय को मुखबिर से सूचना मिली। हैरानी की बात यह है कि जिस इलाके में अवैध सट्टे का अड्डा संचालित होने का आरोप है, वहां स्थानीय थाना होने के बावजूद कार्रवाई मदनमहल पुलिस नहीं, बल्कि एसपी की स्पेशल टीम ने की। इससे स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

विश्वसनीय सूचना मिलते ही एसपी सम्पत उपाध्याय ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आयुष जाखड़ को कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली अखिलेश गौर के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व उप निरीक्षक दिनेश गौतम ने किया।

विशेष टीम ने नरसिंह मंदिर के पीछे टपरिया बस्ती में योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर राजेन्द्र मरावी और ओमप्रकाश यादव को सट्टा पट्टी लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। वहीं रविकांत कनौजिया, चंदन पटेल, विपिन ठाकुर, मोनू ठाकुर और नरेश चक्रवर्ती को सट्टा लगाते हुए गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 हजार 200 रुपये नकद, सट्टा पट्टियां, पेन और अन्य सामग्री जब्त की। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे मोहित सिंह राजपूत के कहने पर प्रतिदिन मजदूरी के आधार पर सट्टा लिखते थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मोहित सिंह राजपूत मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

इस पूरी कार्रवाई ने सबसे बड़ा सवाल मदनमहल थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़ा कर दिया है। जिस स्थान पर कथित रूप से सट्टे का कारोबार चल रहा था, वहां स्थानीय पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी के बावजूद यह गतिविधि कैसे चलती रही? अगर मुखबिर की सूचना पर एसपी स्तर से कार्रवाई संभव थी, तो स्थानीय स्तर पर पहले ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब सामने आना बाकी हैं।

कार्रवाई में उप निरीक्षक दिनेश गौतम, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार मिश्रा, प्रधान आरक्षक निर्मल सनोडिया, आरक्षक अभिषेक, सुधीर, मोहित, सोमनाथ तथा पुलिस लाइन के आरक्षक आशीष, आयुष, चंदन और संदीप जंघेला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की तत्परता से मौके पर सात आरोपियों को पकड़ा गया और अवैध सट्टे के नेटवर्क का खुलासा हुआ।

फिलहाल मदनमहल थाना में सभी आरोपियों तथा फरार मोहित सिंह राजपूत के विरुद्ध सट्टा एक्ट की धारा 4(क) एवं बीएनएस की धारा 49 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या इस कार्रवाई के बाद मदनमहल थाना क्षेत्र में चल रहे अन्य कथित अवैध कारोबारों पर भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई होगी, या फिर यह कार्रवाई केवल एक मामले तक ही सीमित रह जाएगी।

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