जबलपुर में ₹2 लाख दो, नाम अलग कर देंगे!” बेलखेड़ा थाना पुलिस पर गंभीर आरोप, SP ऑफिस पहुंचा पीड़ित
34(2) के मामले में रिश्वत की डिमांड का आरोप,

जबलपुर। आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दर्ज मामले को लेकर बेलखेड़ा थाना पुलिस सवालों के घेरे में है। पीड़ित अभय पटेल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभय पटेल का दावा है कि मामले से उसका नाम अलग करने के लिए थाने के ASI रूप सिंह कुशराम और थाना प्रभारी की ओर से कथित तौर पर ₹2 लाख की मांग की गई।
“दो लाख दे दो, तुम्हारा नाम अलग कर देंगे”
अभय पटेल के अनुसार उससे कहा गया कि “₹2 लाख दे दो, तुम्हारा नाम अलग कर देंगे।” पीड़ित के इस आरोप के बाद पुलिस महकमे में भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि कथित पैसे की मांग और बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में निष्पक्ष जांच बेहद अहम मानी जा रही है।
ASI रूप सिंह कुशराम का नाम लेकर लगाए आरोप,
पीड़ित ने थाने में पदस्थ ASI रूप सिंह कुशराम का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि मामले से नाम हटाने के लिए पैसों की मांग की गई। साथ ही बेलखेड़ा थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब जांच का विषय यह होगा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित ₹2 लाख की मांग किस स्तर पर की गई।
34(2) की कार्रवाई पर भी उठे सवाल,
अभय पटेल ने आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत की गई कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उसका आरोप है कि मामले में तथ्यों की पर्याप्त जांच किए बिना उसे प्रकरण से जोड़ दिया गया। पीड़ित ने एफआईआर, जब्ती और घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आशीष मिश्रा ने भी खोला मोर्चा,
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। आशीष मिश्रा का आरोप है कि आबकारी मामलों में छोटे और संघर्षरत युवाओं को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
SP कार्यालय पहुंचा अभय पटेल,
मामले को लेकर अभय पटेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपना शिकायत आवेदन अधिकारियों को सौंपा। पीड़ित ने मांग की है कि बेलखेड़ा थाना पुलिस, ASI रूप सिंह कुशराम और थाना प्रभारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ASP सूर्यकांत शर्मा ने लिया संज्ञान,
पीड़ित की शिकायत को एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने संज्ञान में लिया है। सूर्यकांत शर्मा ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। अब जांच में एफआईआर, कथित जब्ती, पुलिस कार्रवाई और ₹2 लाख की कथित मांग से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई,
फिलहाल बेलखेड़ा थाना पुलिस, ASI रूप सिंह कुशराम और थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता अभय पटेल के बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। लेकिन आरोप गंभीर हैं और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुके हैं। अब निगाह एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा की जांच पर है।
जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुलेगा। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो पुलिस की वास्तविक कार्रवाई भी जांच के जरिए स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल सवाल यही है—क्या वाकई ₹2 लाख की मांग कर नाम हटाने की बात कही गई थी, या फिर मामला कुछ और है? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।



