खाकी के 4.5 साल बाकी, फिर भी IPS सुनील मेहता ने कहा ‘बस अब परिवार’! VRS से पुलिस महकमे में हलचल
खाकी के 4.5 साल बाकी, फिर भी IPS सुनील मेहता ने कहा ‘बस अब परिवार’! VRS से पुलिस महकमे में हलचल

सुनील सेन SET NEWS जबलपुर ! इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस महकमे से बड़ी खबर सामने आई है। इंदौर ज़ोन-4 के DCP पद पर तैनात IPS सुनील मेहता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लेकर पुलिस सेवा से विदाई ले ली है। खास बात यह है कि उनकी सेवा के करीब साढ़े चार साल अभी बाकी थे, इसके बावजूद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। शासन ने उनका VRS 31 अगस्त 2026 से मंजूर कर लिया है।
अचानक VRS से पुलिस महकमे में हलचल,
लंबी पुलिस सेवा के बाद अचानक लिए गए इस फैसले ने पुलिस विभाग में चर्चाओं को जन्म दे दिया। हालांकि सुनील मेहता ने अपने फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि अब वह अपने परिवार को समय देना चाहते हैं। उन्होंने नौकरी छोड़ने के पीछे किसी अन्य कारण से इनकार किया है।
DSP से IPS तक शानदार पुलिस सफर,
सुनील मेहता ने वर्ष 1996 में राज्य पुलिस सेवा में DSP के रूप में पुलिस करियर शुरू किया था। वर्ष 2016 में पदोन्नति के जरिए IPS बने। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। मंदसौर, धार सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस अधिकारी के रूप में सेवाएं देने के बाद वे इंदौर ग्रामीण एसपी और सिवनी एसपी भी रहे।
मई 2026 में उन्हें इंदौर ज़ोन-4 के DCP की जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन पद संभालने के कुछ समय बाद ही उन्होंने VRS का फैसला लिया।
1 जून को दिया आवेदन, 31 अगस्त को मिली मंजूरी,
जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 को सुनील मेहता ने VRS के लिए आवेदन किया था। शासन स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका आवेदन मंजूर कर लिया गया और 31 अगस्त 2026 से उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रभावी हो गई।
इंदौर पुलिस में अब तीन अहम DCP पद खाली,
सुनील मेहता के VRS के बाद इंदौर पुलिस में अधिकारियों की कमी का मुद्दा भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ट्रैफिक DCP और PHQ DCP के पद पहले से खाली हैं। अब ज़ोन-4 DCP का पद भी रिक्त हो गया है। ऐसे में इंदौर पुलिस के लिए इन महत्वपूर्ण पदों पर जल्द नई नियुक्तियां अहम मानी जा रही हैं।
VRS के बाद भी एक साल की पाबंदी,
शासन के आदेश में अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत शर्त भी लागू की गई है। VRS के बाद एक वर्ष तक सुनील मेहता किसी व्यावसायिक पद को स्वीकार नहीं कर सकेंगे।
साढ़े चार साल पहले खाकी को कहा अलविदा,
पुलिस सेवा में करीब तीन दशक से अधिक समय बिताने वाले IPS सुनील मेहता का सफर अब समाप्त हो गया है। DSP से IPS बनने और कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने सक्रिय सेवा से अलग होने का निर्णय लिया।
सवाल कई उठे, चर्चाएं भी हुईं, लेकिन सुनील मेहता का जवाब साफ रहा—न कोई विवाद, न कोई दूसरा कारण… अब सिर्फ परिवार को समय देना है।
चार साल से ज्यादा की नौकरी बाकी होने के बावजूद खाकी छोड़ने का यह फैसला मध्यप्रदेश पुलिस महकमे में लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।



