मेडिकल पहुंचा उम्रकैद का कैदी, पुलिस ने कसा शिकंजा! ‘भागने’ की आशंका पर चप्पे-चप्पे पर पहरा, इलाज के बाद रात 11:30 बजे जेल वापसी
बबलू पंडा हत्याकांड के दोषी सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में तैनात रहा भारी पुलिस बल

जबलपुर। मंडला के बहुचर्चित बबलू पंडा उर्फ दिलीप सिंह भदौरिया हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल लाया गया। उम्रकैद के आरोपी के अस्पताल पहुंचते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अस्पताल में पुलिस बल की तैनाती के बीच आरोपी का उपचार कराया गया।
जेल से अस्पताल तक पहुंचते ही बढ़ी पुलिस की निगरानी,
जानकारी के मुताबिक जेल में अचानक तबीयत खराब होने के बाद सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी जांच की और उपचार शुरू किया। गंभीर आपराधिक मामले में सजा काट रहे आरोपी को अस्पताल लाए जाने के कारण पुलिस ने सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती।
सूत्रों की खबर ने बढ़ाई पुलिस की सतर्कता,
सूत्रों के मुताबिक आरोपी के अस्पताल में भर्ती होने को लेकर पुलिस को संभावित फरारी की आशंका की जानकारी मिली थी। हालांकि यह दावा आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने एहतियातन अस्पताल में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया।
आरोपी के आसपास पुलिसकर्मी तैनात रहे और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। पुलिस की सतर्कता के चलते आरोपी को अस्पताल से बाहर निकलने या फरार होने का कोई अवसर नहीं मिला।
इलाज हुआ, लेकिन पुलिस की नजर से नहीं बच पाया आरोपी,
अस्पताल में आरोपी का उपचार चिकित्सकीय निगरानी में कराया गया। पुलिसकर्मियों ने आरोपी की सुरक्षा संभाले रखी। अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि आरोपी को किसी भी स्थिति में सुरक्षा घेरे से बाहर जाने का मौका न मिले।
रात 11:30 बजे फिर जेल में दाखिल,
उपचार के बाद सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर को मेडिकल अस्पताल से वापस जेल ले जाया गया। जानकारी के अनुसार करीब रात 11:30 बजे आरोपी को दोबारा जेल में दाखिल करा दिया गया।
इस तरह अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच आरोपी का इलाज हुआ और फिर उसे सुरक्षित रूप से जेल पहुंचा दिया गया।
बबलू पंडा हत्याकांड में सात आरोपियों को उम्रकैद,
गौरतलब है कि मंडला के बीजाडांडी क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए बबलू पंडा हत्याकांड में कुल 10 आरोपी बनाए गए थे। न्यायालय ने मामले में आकाश सोनकर, रोहित सोनकर, अमित श्रीवास्तव, हनी उर्फ हिमांशु सोनकर, विशाल चक्रवर्ती, सौरभ सोनकर और सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं नीरज सोनकर, कैलाश उर्फ दस्सू यादव और सुमित उर्फ सिद्धार्थ यादव को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
पुलिस की सतर्कता से जेल वापसी तक पूरा हुआ घटनाक्रम,
मेडिकल अस्पताल में अचानक तबीयत खराब होने से लेकर उपचार और फिर जेल वापसी तक सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर पुलिस की निगरानी में रहा। फरारी को लेकर सामने आई चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन पुलिस ने किसी भी संभावित जोखिम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती।
रात 11:30 बजे आरोपी की जेल वापसी के साथ फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम समाप्त हुआ। अब सवाल यही है कि अस्पताल में भर्ती होने की वास्तविक वजह क्या थी और आरोपी को कितनी देर तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया—इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।



