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नकली अमर सिंह बनकर फर्जी रजिस्ट्री! एक साल से फरार सत्येंद्र को थाना प्रभारी B.D. द्विवेदी की टीम ने दबोचा

जमीन फर्जीवाड़े के आरोपी पर संजीवनी नगर पुलिस का शिकंजा, 5 दिन की पुलिस रिमांड

जबलपुर के संजीवनी नगर थाना पुलिस ने जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़े मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी सत्येंद्र उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर अमर सिंह की पहचान का इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की साजिश को अंजाम दिया था। मामले में करीब 7 से 8 अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

नकली पहचान के सहारे कराया रजिस्ट्री का खेल,
संजीवनी नगर थाना प्रभारी B.D. द्विवेदी ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी सत्येंद्र उपाध्याय लंबे समय से फरार चल रहा था। उस पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और फर्जी पहचान के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, पूरे फर्जीवाड़े में आरोपी ने कथित तौर पर खुद को अमर सिंह बताया और इसी पहचान के आधार पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

एक साल से फरार आरोपी पर पुलिस का शिकंजा,
मामला दर्ज होने के बाद से ही संजीवनी नगर पुलिस आरोपी सत्येंद्र उपाध्याय की तलाश कर रही थी। करीब एक साल तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार थाना प्रभारी B.D. द्विवेदी के नेतृत्व में संजीवनी नगर थाना पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

5 दिन की पुलिस रिमांड, खुलेगा फर्जीवाड़े का राज,
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से फर्जी दस्तावेजों, जमीन की रजिस्ट्री, नकली पहचान और इस पूरे मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों को लेकर पूछताछ करेगी।

7-8 अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में,
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सत्येंद्र उपाध्याय के साथ 7 से 8 अन्य लोग कथित फर्जीवाड़े में किस तरह जुड़े थे। फर्जी दस्तावेज कहां तैयार हुए, जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई और इस पूरे खेल के पीछे किसकी क्या भूमिका थी—इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ में तलाशे जा रहे हैं।

थाना प्रभारी B.D. द्विवेदी की टीम की कार्रवाई,
करीब एक साल से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को संजीवनी नगर थाना पुलिस और थाना प्रभारी B.D. द्विवेदी की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अब पांच दिन की पुलिस रिमांड में होने वाली पूछताछ के बाद इस जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम राज सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का फोकस आरोपी के साथियों और कथित तौर पर तैयार किए गए कूटरचित दस्तावेजों तक पहुंचने पर है।

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