समय के पहले शराब, समय के बाद शराब और बीच में अवैध आहाते! आखिर पुलिस और आबकारी विभाग की नजरों से कैसे बच रहा यह खेल?
देर रात तक जाम, दिनभर विवाद: पुलिस और आबकारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दुकानों के शटर बंद, लेकिन शराब चालू: अवैध आहातों ने बिगाड़ा शहर का माहौल आबकारी और पुलिस की नाक के नीचे फल-फूल रहा अवैध शराब कारोबार

जबलपुर शहर में शराब दुकानों की मनमानी और जिम्मेदार विभागों की कथित लापरवाही अब आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। शहर के कई इलाकों में निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री शुरू होने और देर रात दुकानें बंद होने के बाद भी शराब उपलब्ध कराने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं, शराब दुकानों के आसपास कथित रूप से अवैध आहाते संचालित होने के आरोप भी लग रहे हैं, जहां देर रात तक लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओमती के विलूम चौक, अधारताल के महाराजपुर और रड्डी चौकी क्षेत्र, विजयनगर के एसबीआई चौक और दीनदयाल बस स्टैंड, माढ़ोताल के कटंगी बायपास आईटीआई चौराहा तथा अमखेरा जैसे क्षेत्रों में शराब दुकानों के आसपास देर रात तक भीड़ लगी रहती है। आरोप है कि दुकानों के शटर बंद होने के बाद भी पीछे के रास्तों और अन्य माध्यमों से शराब बेची जाती है। वहीं कई स्थानों पर खुलेआम बैठाकर शराब पिलाने का काम भी जारी रहता है।
रहवासियों के अनुसार इन गतिविधियों के चलते आसपास का माहौल बिगड़ रहा है। शराब सेवन के बाद गाली-गलौज, मारपीट, सड़क पर हुड़दंग और विवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों का कहना है कि शाम ढलते ही इन क्षेत्रों में असुरक्षा का माहौल बन जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह गतिविधियां खुलेआम संचालित होने के आरोपों के साथ चर्चा में हैं, तब पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि नियमित जांच और निगरानी हो तो निर्धारित समय के पहले और बाद शराब बिक्री तथा कथित अवैध आहातों पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
शहर में बढ़ती शिकायतों ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो और शहर में कानून व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।



