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हिस्ट्रीशीटर रज्जाक पर पुलिस की निगरानी जारी -95 लाख की धोखाधड़ी और धमकी के मामले में अदालत ने नहीं दी राहत, लगातार चल रही पुलिस की मॉनीटरिंग

जबलपुर। शातिर हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक को 95 लाख रुपये की धोखाधड़ी और प्रार्थी को जान से मारने की धमकी के मामले में न्यायालय से राहत नहीं मिली। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश, जबलपुर के न्यायालय ने अब्दुल रज्जाक की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने जमानत का विरोध किया।

मामला थाना ओमती में अजय पटेल की रिपोर्ट पर दर्ज अपराध क्रमांक 374/24 से जुड़ा है। प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज, अवैध वसूली, धमकी और आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गई थीं। पुलिस की विवेचना में आरोप है कि अब्दुल रज्जाक ने परिवार और अपने गुर्गों के साथ मिलकर जमीन बेचने के नाम पर षड्यंत्रपूर्वक 95 लाख रुपये हड़प लिए। इसके अलावा पेशी के दौरान न्यायालय परिसर में प्रार्थी को जान से मारने की धमकी देने की बात भी विवेचना में सामने आई।
आरोपी अब्दुल रज्जाक पिता स्व. हाजी अब्दुल वहीद, उम्र 65 वर्ष, निवासी रिपटा बड़ी ओमती को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। वह वर्तमान में केंद्रीय जेल भोपाल में निरुद्ध है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद मामले में पुलिस की निगरानी और विवेचना आगे भी जारी रहेगी।

पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी निगरानी-
पुलिस के अनुसार अब्दुल रज्जाक के विरुद्ध वर्ष 1991 से अब तक जबलपुर में मारपीट, अवैध वसूली, बलवा, अवैध हथियार रखने और हत्या जैसे गंभीर प्रकृति के कई प्रकरण दर्ज रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उसके आपराधिक प्रभाव के चलते पूर्व में आमजन और पीड़ितों द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने अथवा गवाही देने में भय महसूस किए जाने की स्थिति रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मॉनीटरिंग-
पुलिस कप्तान सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में गंभीर आपराधिक प्रकरणों और हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में एएसपी सिटी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में सीएसपी ओमती सोनू कुर्मी तथा टीआई ओमती राजपाल सिंह बघेल के नेतृत्व में रज्जाक से जुड़े प्रकरणों की निगरानी की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य गंभीर मामलों में प्रभावी विवेचना और पीड़ित पक्ष को विधिक संरक्षण सुनिश्चित करना है।

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