जबलपुर के श्रीराम कॉलेज फीस मामले में नया मोड़! बेटे पर ‘फर्जी FIR’ का आरोप, अधिवक्ता त्रिलोक सिंह ठाकुर पहुंचे SP कार्यालय

https://youtube.com/shorts/8xE-uvwcUWU?feature=share
जबलपुर। जिले के चर्चित श्रीराम कॉलेज फीस मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोक सिंह ठाकुर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपने पुत्र चंद्रमोहन सिंह के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
FIR को लेकर गंभीर आरोप
अधिवक्ता त्रिलोक सिंह ठाकुर का आरोप है कि श्रीराम इंस्टीट्यूट के चेयरमैन आर.के. कलसुरिया और उनसे जुड़े लोगों ने उनके पुत्र को साजिश के तहत फर्जी मामले में फंसाया है। उनका दावा है कि प्रकरण में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
चार करोड़ के लेनदेन का दावा
अधिवक्ता पक्ष ने संस्थान से जुड़े कुछ लोगों पर करोड़ों रुपये के GST और कथित वित्तीय लेनदेन में चंद्रमोहन को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बैंक स्टेटमेंट में रकम संस्थान के बताए खातों और कंपनियों में जाने की जानकारी सामने आती है, जबकि चंद्रमोहन को व्यक्तिगत रूप से राशि मिलने का कोई प्रमाण उनके मुताबिक नहीं है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच होना बाकी है।
शारीरिक और मानसिक दबाव के आरोप
अधिवक्ता ने अपने पुत्र पर वर्षों से मानसिक और शारीरिक दबाव बनाए जाने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच या एसआईटी गठित करने की मांग रखी है।
SP कार्यालय में रखी शिकायत
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी। पुलिस प्रशासन की ओर से मामले को जांच के आधार पर देखने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
अब जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस पूरे मामले में एक पक्ष की ओर से गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि FIR में लगाए गए आरोप, बैंक लेनदेन और अधिवक्ता पक्ष की शिकायत में सामने आए तथ्यों की जांच किस तरह होती है और मामले की वास्तविक तस्वीर क्या निकलकर सामने आती है।



