1करोड़ 63 लाख के कथित वित्तीय अंतर में फरार साधना चंद्रौल पर ₹3 हजार का इनाम, फिर भी पुलिस की गिरफ्त से दूर!

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा से जुड़े कथित ₹1 करोड़ 63 लाख 78 हजार 456 रुपये के वित्तीय अंतर के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बीच अब फरार महिला आरोपी साधना चंद्रौल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गढ़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 535/26 में BNS की धारा 316(5), 315(4), 61(2) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज है।
फरार महिला पर एसपी ने घोषित किया ₹3 हजार का इनाम,
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक साधना चंद्रौल, पति स्वर्गीय आर.एन. चंद्रौल, उम्र 45 वर्ष, शिवनगर अधारताल निवासी हैं और मेडिकल कॉलेज में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ रही हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसपी सम्पत उपाध्याय ने ₹3 हजार का इनाम घोषित किया है। इसके बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
करोड़ों के कथित अंतर ने बढ़ाई चिंता,
मामला वर्ष 2020 से 2025 के बीच कैश शाखा के रिकॉर्ड से जुड़ा है। शिकायत के बाद MRB, कैश बुक और बैंक खातों में जमा राशि का मिलान किया गया। पुलिस जांच में प्राप्त राशि और बैंक में जमा रकम के बीच कथित अंतर सामने आने की बात कही गई है। इसी आधार पर मामले में कई कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में आई।
अब सबसे बड़ा सवाल—फरारी की वजह क्या?
जब पुलिस ने मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू की और फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए बाकायदा इनाम तक घोषित कर दिया, तो सवाल उठता है कि साधना चंद्रौल अब तक पुलिस की पहुंच से बाहर कैसे हैं? क्या पुलिस को उनकी संभावित लोकेशन की जानकारी नहीं मिल पा रही है या गिरफ्तारी के प्रयासों में कोई तकनीकी अथवा कानूनी अड़चन सामने आ रही है?
क्या किसी का संरक्षण है? पुलिस जांच से होगा खुलासा,
फरारी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या साधना चंद्रौल को किसी व्यक्ति का संरक्षण या मदद मिल रही है? हालांकि फिलहाल किसी व्यक्ति द्वारा संरक्षण देने की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए यह आरोप नहीं, बल्कि ऐसा सवाल है जिसका जवाब पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मेडिकल प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल,
मामला केवल एक आरोपी की फरारी तक सीमित नहीं है। यदि जांच में कथित वित्तीय अंतर की पुष्टि होती है तो यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वर्षों तक कैश शाखा के रिकॉर्ड, बैंक जमा और MRB का नियमित मिलान कैसे हुआ। क्या समय-समय पर ऑडिट और सत्यापन किया गया था? इन सवालों का जवाब भी जांच के दौरान सामने आना जरूरी है।
अब गिरफ्तारी पर टिकी नजर,
फिलहाल साधना चंद्रौल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए ₹3 हजार का इनाम घोषित है। पुलिस दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अब देखना होगा कि फरार महिला आरोपी कब गिरफ्तार होती हैं और गिरफ्तारी के बाद कथित वित्तीय अंतर और मामले से जुड़े अन्य सवालों पर क्या नए तथ्य सामने आते हैं,



