10 लाख का मसरूका जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार, असली गुनहगार अब भी फरार! आबकारी और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
10 लाख का मसरूका जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार, असली गुनहगार अब भी फरार! आबकारी और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जबलपुर। पनागर थाना पुलिस ने अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 10 लाख रुपये का मसरूका जब्त किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और वाहन मालिक की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ रही है, लेकिन कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार जब्त मसरूके के साथ पकड़ा गया आरोपी फिलहाल पुलिस गिरफ्त में है, लेकिन इस अवैध कारोबार का असली संचालक कौन है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है। जिस वाहन का उपयोग किया गया, उसका मालिक भी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 10 लाख रुपये के मसरूके के पीछे आखिर किसका पैसा लगा था? माल कहां से लाया गया था और इसकी डिलीवरी कहां होनी थी? क्या पुलिस केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित रहेगी या फिर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करेगी?
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री जिले में पहुंची कैसे? क्या निगरानी तंत्र में चूक हुई या फिर तस्कर लंबे समय से बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे थे?
क्षेत्र में चर्चा है कि अक्सर बड़ी कार्रवाई के बाद छोटे स्तर के लोगों की गिरफ्तारी हो जाती है, लेकिन नेटवर्क संचालित करने वाले बड़े चेहरे कानून की पकड़ से दूर रह जाते हैं। ऐसे में इस मामले में भी लोगों की नजर इस बात पर है कि पुलिस और आबकारी विभाग असली मास्टरमाइंड तक पहुंचते हैं या नहीं।
फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। अब देखना होगा कि जांच का दायरा बढ़ता है या फिर मामला केवल जब्ती और एक गिरफ्तारी तक सीमित रह जाता है।
बड़ा सवाल: 10 लाख का मसरूका तो जब्त हो गया, लेकिन क्या इस कारोबार के असली गुनहगार भी कानून के शिकंजे में आएंगे या फिर वे हमेशा की तरह फरार ही रहेंगे?



