केस खत्म कराने के नाम पर रिश्वत! लोकायुक्त ने बाबू को 1500 रुपये लेते रंगे हाथों दबोचा
सिवनी के उगली उप तहसील कार्यालय में लोकायुक्त जबलपुर की बड़ी कार्रवाई, पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर बिछाया गया ट्रैप।

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सिवनी जिले के उगली उप तहसील कार्यालय में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक बाबू को 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, रीना ठाकरे, निवासी ग्राम सुरेखा खुर्द, तहसील केवलारी, जिला सिवनी, का पड़ोसी से विवाद हुआ था। इस मामले में थाना उगली ने उनके और उनके परिजनों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उप तहसील कार्यालय उगली में इस्तगासा पेश किया था।
आरोप है कि ग्राम पौड़ी के कोटवार एवं उप तहसील कार्यालय उगली में बाबू का कार्य कर रहे कमलेश गनवीर ने केस खत्म कराने के नाम पर 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जबलपुर ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें 1500 रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद 13 जुलाई 2026 को लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया और कमलेश गनवीर को 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, धारा 13(1)(बी) एवं धारा 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस ट्रैप कार्रवाई में ट्रैप लीडिंग ऑफिसर निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक शशिकला मर्सकोले तथा लोकायुक्त जबलपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जबलपुर में करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



