जबलपुर में साइबर ठगों का तांडव! गढ़ा और गोरखपुर थानों में 7 लाख की ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने दर्ज किए चार प्रकरण
वर्क फ्रॉम होम, फर्जी KYC लिंक और मोबाइल हैकिंग के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका, पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।

संस्कारधानी जबलपुर में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। गढ़ा थाना और गोरखपुर थाना क्षेत्र में सामने आए चार अलग-अलग मामलों ने यह साबित कर दिया है कि अब साइबर ठग सोशल मीडिया, फर्जी लिंक और मोबाइल हैकिंग के जरिए लोगों के बैंक खातों को मिनटों में खाली कर रहे हैं। इन चार मामलों में करीब 6 लाख 97 हजार 322 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। दोनों थानों की पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला गढ़ा थाना क्षेत्र का है। धर्मेन्द्र मिश्रा, निवासी गौतम गंज, ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी तानिया मिश्रा इंस्टाग्राम पर “ग्लोबल बुक पब्लिकेशन” नाम के पेज पर वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन देखकर संपर्क में आई। टाइपिंग का काम और प्रति प्रोजेक्ट 15 हजार रुपये कमाने का लालच दिया गया। रजिस्ट्रेशन के नाम पर पहले 500 रुपये जमा कराए गए, जिसके बाद साइबर ठगों ने धर्मेन्द्र मिश्रा के बैंक खाते से 40 हजार 822 रुपये निकाल लिए। गढ़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र का है। मनोज कुमार नामदेव, निवासी सेठी नगर, ने शिकायत दर्ज कराई कि मोबाइल में एक वीडियो एप डाउनलोड करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से 90 हजार रुपये और पंजाब नेशनल बैंक खाते से 1 लाख 80 हजार रुपये, कुल 2 लाख 70 हजार रुपये निकाल लिए गए।
तीसरे मामले में गोरखपुर थाना क्षेत्र के शैलेष जैन के मोबाइल पर डेबिट कार्ड KYC अपडेट करने के नाम पर व्हाट्सएप लिंक भेजी गई। लिंक पर जानकारी भरते ही उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से 1 लाख 39 हजार रुपये साइबर ठगों ने पार कर दिए।
चौथा मामला भी गोरखपुर थाना क्षेत्र का है। आराधना सिंधिया, निवासी सेठी नगर, के मोबाइल पर बैंक के नाम से मिलता-जुलता संदेश भेजा गया। संदेश खोलते ही उनका मोबाइल कथित रूप से हैक हो गया और उनके खाते से 1 लाख 59 हजार रुपये, जबकि उनके और उनके पति पवन कुमार के संयुक्त खाते से 88 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए।
इन चारों मामलों में गढ़ा थाना पुलिस और गोरखपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वर्क फ्रॉम होम, KYC अपडेट, इनाम, लोन या बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, बैंक खाता, डेबिट कार्ड या आधार की जानकारी साझा न करें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।



