वर्दी का रौब या कानून का दुरुपयोग? छात्र से अभद्रता के आरोपों पर घिरी लार्डगंज थाना पुलिस,एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन,
एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन, थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग; वाहन चेकिंग के दौरान गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के लगाए आरोप

जबलपुर में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के व्यवहार को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। लार्डगंज थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक छात्र के साथ कथित रूप से अभद्रता किए जाने का मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। पीड़ित परिवार और युवा रजक समाज सेवा समिति के पदाधिकारियों ने एसपी जबलपुर के नाम एडिशनल एसपी आयुष जांगड़ को ज्ञापन सौंपते हुए लार्डगंज थाना प्रभारी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता राजकुमार रजक का आरोप है कि उनका पुत्र भावेश रजक 8 जुलाई को कोचिंग से घर लौट रहा था। इसी दौरान बलदेवबाग में वाहन चेकिंग कर रही लार्डगंज थाना पुलिस ने उसे रोक लिया। शिकायत के अनुसार, दस्तावेजों की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्र के साथ कथित रूप से मां-बहन की गालियां दीं, उसके बाल पकड़कर जबरन पुलिस वाहन में बैठाया और सार्वजनिक रूप से उसका अपमान किया। परिवार का आरोप है कि इसके बाद छात्र का 5,500 रुपये का चालान भी बनाया गया।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उनका कहना है कि यदि पुलिस कानून का पालन कराने के बजाय आम नागरिकों और छात्रों के साथ अपमानजनक व्यवहार करेगी, तो इससे जनता का भरोसा पुलिस व्यवस्था से उठ जाएगा। ज्ञापन में मांग की गई है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर लार्डगंज थाना प्रभारी सहित ड्यूटी पर मौजूद सभी संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए।
वहीं, एडिशनल एसपी आयुष जांगड़ ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से अनुचित व्यवहार या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला शिकायत और आरोपों के आधार पर जांच में है। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही पुलिस प्रशासन की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।



