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जबलपुर: ढाबों पर गुंडों का आतंक! बिल मांगने पर बरसीं लाठियां, कब थमेगी अपराधियों की दबंगई?

ढाबों पर गुंडों का आतंक! बिल मांगने पर बरसीं लाठियां, कब थमेगी अपराधियों की दबंगई?

जबलपुर में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण गोसलपुर थाना क्षेत्र के गांधीग्राम में देखने को मिला है। जहां एक ढाबा संचालक को अपने ग्राहकों से खाने का बिल मांगना इतना भारी पड़ गया कि उसे और उसके कर्मचारियों को जानलेवा हमले का शिकार होना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने न केवल ढाबा संचालक के साथ मारपीट की, बल्कि पूरे ढाबे में जमकर तोड़फोड़ भी की और खुलेआम जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

गांधीग्राम स्थित सतना ढाबा में देर रात कुछ युवक खाना खाने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि खाना खाने के बाद जब ढाबा संचालक ने उनसे बिल का भुगतान करने के लिए कहा, तो आरोपी भड़क गए। मामूली सी बात पर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।

आरोप है कि राज यादव, जीत रैकवार और उनके अन्य साथियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर ढाबे में हमला बोल दिया। बदमाशों ने ढाबा संचालक और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा। हमले के दौरान किसी को भी नहीं बख्शा गया और पूरे ढाबे में दहशत का माहौल बन गया।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने ढाबे में रखी कुर्सियां, टेबल और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाया। लाठी-डंडों से लैस बदमाशों ने पूरे ढाबे में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह बदमाश कानून को चुनौती देते हुए खुलेआम मारपीट और तोड़फोड़ कर रहे हैं।

पीड़ितों का कहना है कि जाते-जाते आरोपी धमकी देकर गए कि यदि दोबारा बिल मांगा गया तो जान से मार दिया जाएगा। यह धमकी केवल ढाबा संचालक को नहीं बल्कि पूरे समाज को डराने की कोशिश है। सवाल यह है कि आखिर अपराधियों को कानून का डर क्यों नहीं रह गया है?

जब कोई व्यापारी अपनी मेहनत की कमाई का पैसा मांगता है और बदले में उसे लाठियां और धमकियां मिलती हैं, तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे अपराधी न केवल व्यापारियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं बल्कि पूरे शहर के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद गोसलपुर पुलिस ने राज यादव, जीत रैकवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन केवल मामला दर्ज कर देना ही काफी नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी बदमाश कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।

जबलपुर में बढ़ती गुंडागर्दी और दबंगई अब आम लोगों और व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। सवाल यह है कि क्या बिल मांगना अब अपराध हो गया है? और क्या मेहनत की कमाई मांगने वालों को इसी तरह लाठियों और धमकियों का सामना करना पड़ेगा? फिलहाल सभी की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इन बेखौफ अपराधियों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है।

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