जबलपुर पुलिस में बड़ा बदलाव, दो तेजतर्रार अफसरों की हुई एंट्री, एक ने सत्ता के दबाव को दी चुनौती, दूसरी की पहचान सख्त कार्रवाई
विधायक विवाद से सुर्खियों में आए आयुष जाखड़, अब जबलपुर में बड़ी जिम्मेदारी 'चालान तो होगा' वाली IPS अनु बेनीवाल भी पहुंचीं जबलपुर

जबलपुर पुलिस को दो ऐसे आईपीएस अधिकारी मिले हैं जिनकी पहचान पूरे प्रदेश में उनकी सख्त और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए होती है। शिवपुरी विवाद के बाद प्रमोट होकर आए आयुष जाखड़ और ग्वालियर में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अनु बेनीवाल अब जबलपुर में कानून व्यवस्था की नई तस्वीर लिखने की तैयारी में हैं।”
जबलपुर। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत जबलपुर जिले को दो ऐसे आईपीएस अधिकारी मिले हैं, जो अपनी सख्त कार्यशैली और कानून के प्रति प्रतिबद्धता के लिए पूरे प्रदेश में पहचान रखते हैं। आईपीएस आयुष जाखड़ को पदोन्नति के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) बनाया गया है, वहीं चर्चित महिला आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल को भी जबलपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आयुष जाखड़ का नाम उस समय प्रदेशभर में सुर्खियों में आया था जब शिवपुरी में एसडीओपी रहते हुए उन्होंने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और विधायक द्वारा कथित रूप से एसडीओपी को धमकी देने का मामला भी चर्चा में रहा। पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। इसके बावजूद आयुष जाखड़ ने कानून के पालन की अपनी जिम्मेदारी से समझौता नहीं किया।
दूसरी ओर, आईपीएस अनु बेनीवाल की पहचान एक सख्त और निडर पुलिस अधिकारी के रूप में है। ग्वालियर में पदस्थापना के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर कई प्रभावी कदम उठाए। उनकी कार्रवाईयों की चर्चा पूरे प्रदेश में होती रही। सोशल मीडिया पर उनका चर्चित संवाद—’फूफा राष्ट्रपति हों या कोई और, नियम तोड़ेंगे तो चालान होगा’—काफी लोकप्रिय हुआ और उनकी निष्पक्ष कार्यशैली का प्रतीक बन गया।
जबलपुर जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले में इन दोनों अधिकारियों की नियुक्ति को पुलिस विभाग की बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है। शहर में बढ़ते अपराध, यातायात चुनौतियों और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में दोनों अधिकारियों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
पुलिस महकमे के जानकारों का मानना है कि आयुष जाखड़ की तकनीकी जांच और अपराध नियंत्रण में दक्षता तथा अनु बेनीवाल की सख्त प्रशासनिक शैली का लाभ जबलपुर को मिलेगा। दोनों अधिकारियों की तैनाती से अपराधियों में खौफ और आम नागरिकों में भरोसा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब जबलपुर की जनता की निगाहें इन दोनों चर्चित अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे शहर की पुलिसिंग को किस तरह नई दिशा और नई पहचान देते हैं।



