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बुजुर्गों पर भी नहीं रहम! पेंशन के 45 हजार रुपये झपटकर फरार हुए शातिर बदमाश,दिनदहाड़े वारदात से दहशत, आखिर कब थमेगा झपटमारों का आतंक?

88 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक बने निशाना, अपराधियों ने दिखाई बेखौफ गुंडागर्दी

पेंशन के पैसे निकालकर घर लौट रहे 88 वर्षीय बुजुर्ग को बदमाशों ने अपना निशाना बना लिया। बाइक सवार झपटमार 45 हजार रुपये से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर अपराधियों की बढ़ती बेखौफी को उजागर कर दिया है।

 

जबलपुर। जिले में झपटमारी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें बुजुर्गों पर भी तरस नहीं आ रहा। ताजा मामला मझगवां थाना क्षेत्र का है, जहां बाइक सवार दो शातिर झपटमारों ने 88 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक को निशाना बनाते हुए उनकी पेंशन के 45 हजार रुपये से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार ग्राम कुम्ही खुर्द निवासी सुरेन्द्र कुमार तिवारी, जो कि सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, अपने पुत्र रत्नेश कुमार तिवारी के साथ एसबीआई बैंक मझगवां पहुंचे थे। बैंक से 45 हजार रुपये की पेंशन निकालने के बाद दोनों स्कूटी से घर लौट रहे थे। रास्ते में सब कुछ सामान्य था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि अपराधियों की नजर उनके पैसों पर लगी हुई है।

दोपहर करीब 12:45 बजे जैसे ही वे बघराजी रोड बायपास नहर पुलिया के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाश अचानक उनके पास पहुंचे और बुजुर्ग के हाथ में रखा बैग झपटकर फरार हो गए। बैग में 45 हजार रुपये नकद रखे हुए थे। पुत्र ने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार से भाग निकले।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं बचा है? दिनदहाड़े बुजुर्गों को निशाना बनाना और सरेआम लूट जैसी वारदातों को अंजाम देना इस बात का संकेत है कि अपराधी लगातार दुस्साहसी होते जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नाकेबंदी कराई गई है, वहीं आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा एवं एसडीओपी सिहोरा आदित्य सिंघरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शंकरलाल ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक आम नागरिक, खासकर बुजुर्ग, ऐसे अपराधियों का शिकार बनते रहेंगे? दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। अब सभी को पुलिस कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी का इंतजार है।

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