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जबलपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी धनवंतरी चौकी पुलिस को मिली सफलता, दो गिरफ्तार

जबलपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
धनवंतरी चौकी पुलिस को मिली सफलता, दो गिरफ्तार

जबलपुर।धनवंतरी चौकी अंतर्गत शिक्षित बेरोजगारों को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3.24 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी न केवल फर्जी पहचान और नकली दस्तावेजों का सहारा ले रहे थे, बल्कि ट्रेनिंग किट, यूरिन टेस्ट और परीक्षा की तारीख बताकर ठगी को वास्तविक रूप देने की साजिश रच रहे थे।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश-
इस संबंध में धनवंतरी चौकी प्रभारी एसआई दिनेश गौतम ने बताया कि एलआईजी-233, भूकंप कॉलोनी, धनवंतरी नगर निवासी 22 वर्षीय आदर्श पटैल ने शिकायत की थी कि आरोपी 58 वर्षीय राकेश कुमार सराठे निवासी महर्षि महेश वार्ड घमापुर चौक पिछले 6 माह से उनके संपर्क में था और खुद को रेलवे में नौकरी दिलाने वाला बताता था। आरोपी ने पीड़ित की मां को “दीदी” कहकर भरोसे में लिया और पश्चिम मध्य रेलवे में कमर्शियल क्लर्क पद पर भर्ती का झांसा दिया।
नकली ट्रेनिंग और मेडिकल के जाल में फंसाया-
एसआई गौतम के मुताबिक राकेश ने रेलवे का फर्जी ब्लैंक आईडी कार्ड, प्रशिक्षण की ड्रेस और मेडिकल के नाम पर नेशनल हॉस्पिटल में एक्स-रे के लिए 5,500 ट्रेनिंग किट के लिए 8 हजार 500 और खाता खुलवाने के नाम पर 10 हजार वसूले। इसके बाद परीक्षा में पास कराने और नियुक्ति पक्की करने के नाम पर कई किश्तों में कुल 3 लाख 24 हजार की ठगी की।

महिला साथी बनी फर्जी अधिकारी-
एसआई गौतम ने बताया पूरे फर्जीवाड़े में आरोपी की महिला साथी 56 वर्षीय रेखा वर्मा निवासी घड़ी चौक विजयनगर ने डीईओ अधिकारी बनकर पीड़ित से मुलाकात की और झांसा दिया। पूछताछ में रेखा वर्मा ने स्वीकारा कि उसे राकेश ने पांच हजार देकर यह भूमिका निभाने को कहा था।

पहले भी कर चुके फर्जीवाड़ा-
एसआई गौतम ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि राकेश सराठे पर पूर्व में थाना गोहलपुर में वर्ष 2021 में भी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है, जिस पर पुलिस पूछताछ कर रही है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका-
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी एसआई दिनेश गौतम, प्रधान आरक्षक दिलीप पाठक, आरक्षक रजनीश, वीरेंद्र और महिला आरक्षक संध्या तिवारी की अहम भूमिका रही।

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