शहर में खुला था नशे का खेल, आबकारी विभाग बना रहा मूकदर्शक!” SET NEWS की खबरों के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, अवैध शराब कारोबारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब, लेकिन आबकारी विभाग अब तक क्यों सोता रहा?”SET NEWS की खबरों के बाद जबलपुर में एक्शन, नशे के कारोबारियों पर शिकंजा

जबलपुर में अवैध शराब और नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब पुलिस प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू कर दी है। SET NEWS द्वारा शहर में खुलेआम बिक रही अवैध शराब, सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और शराब माफियाओं की सक्रियता को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद पुलिस हरकत में आई और कई थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में शहर के संजीवनी नगर, माढ़ोताल, ओमती, अधारताल, गोहलपुर, विजय नगर और बेलबाग क्षेत्रों में छापेमार कार्रवाई की गई। पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 536 पाव देशी और अंग्रेजी शराब के साथ 15 लीटर कच्ची शराब जब्त की।
कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो गया है। जिन इलाकों में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, वहां आबकारी विभाग आखिर क्यों निष्क्रिय बना रहा? स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह शराब ठेकों के आसपास देर रात तक खुलेआम शराब पिलाई जाती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कभी मौके पर दिखाई नहीं देता। पुलिस की कुछ घंटों की कार्रवाई में इतनी बड़ी मात्रा में शराब पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि अवैध कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था।
सूत्रों के मुताबिक कई क्षेत्रों में शराब माफियाओं के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि सार्वजनिक स्थानों को ही शराबखोरी का अड्डा बना दिया गया है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते आबकारी विभाग सख्ती दिखाता, तो हालात इतने खराब नहीं होते। अब जनता पूछ रही है कि क्या अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस की है?
इधर पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर भी शिकंजा कसते हुए 109 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। वहीं 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया, कई वारंटियों को पकड़ा गया और दो आरोपियों से चाकू बरामद कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 224 वाहन चालकों पर भी कार्रवाई करते हुए एक लाख सात हजार सात सौ रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
SET NEWS लगातार शहर में बढ़ते नशे के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता रहा है। अब पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जनता की नजर आबकारी विभाग पर टिक गई है। सवाल यही है कि क्या विभाग अब भी सिर्फ कागजी कार्रवाई करता रहेगा, या फिर वास्तव में शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा।



