जबलपुर: भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: EOW के छापे में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोला राव की काली कमाई का पर्दाफाश
नगर निगम अधिकारी पर EOW की बड़ी कार्रवाई

जबलपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां नगर निगम के सिस्टम में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें एक बार फिर उजागर हुई हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ यानी EOW ने प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोला राव के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति के बड़े मामले का खुलासा किया है।
सुबह का वक्त… लेकिन जबलपुर में हलचल तेज हो चुकी थी। EOW की टीम ने अचानक दबिश देते हुए पोला राव के घर को घेर लिया। यह कार्रवाई यूं ही नहीं हुई, बल्कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों और भ्रष्टाचार की गंध के बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर पूरी प्लानिंग के साथ यह छापा मारा गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक नगर निगम का अधिकारी आखिर इतनी बड़ी संपत्ति का मालिक कैसे बन गया? क्या यह सिर्फ वेतन का खेल है… या फिर इसके पीछे भ्रष्टाचार का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?
EOW ने सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक रसूखदार ठेकेदार के घर पर भी छापा मारा है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि मामला अकेले का नहीं, बल्कि एक पूरे गठजोड़ का हो सकता है।
शुरुआती जांच में जो खुलासे सामने आए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। पोला राव के नाम पर एक आलीशान फ्लैट, करीब 10 हजार वर्गफुट का प्लॉट और आंध्र प्रदेश में खरीदी गई महंगी कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं। सवाल उठता है कि क्या यह संपत्ति ईमानदारी की कमाई से संभव है?
यही नहीं… मौके से चार दोपहिया वाहन, एक लग्जरी चारपहिया गाड़ी, कई बैंक खातों की पासबुक, मोटी बीमा पॉलिसियां और भारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। ये सब इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि मामला बेहद गंभीर और गहराई तक फैला हुआ है।
मनजीत सिंह, डीएसपी, EOW जबलपुर, इस कार्रवाई ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे ही अधिकारी वर्षों से सिस्टम को खोखला कर रहे थे? और क्या इस पूरे नेटवर्क में और भी बड़े नाम शामिल हैं?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ छापेमारी तक ही कार्रवाई सीमित रहेगी या फिर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी?
फिलहाल EOW की जांच जारी है, लेकिन इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर जांच निष्पक्ष हो, तो भ्रष्टाचार की परतें खुद-ब-खुद खुलने लगती हैं। अब पूरे शहर की नजर इस बात पर टिकी है कि इस मामले में आगे क्या बड़ा खुलासा होता है।



