जबलपुर: मदनमहल बना गुंडों का गढ़: हमले के बाद भी बेखौफ आरोपी, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल”
मदनमहल बना गुंडों का गढ़: हमले के बाद भी बेखौफ आरोपी, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल”

संस्कारधानी जबलपुर के मदनमहल थाना क्षेत्र से एक बार फिर कानून व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है। स्टेशन रोड स्थित बढ़ई मोहल्ला में “अमृत चाय” दुकान पर हुए हमले ने यह साबित कर दिया है कि इलाके में असामाजिक तत्वों को पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है।
बीती रात करीब 12 बजे, जब दुकान संचालक आयुष गुप्ता अपनी दुकान बंद कर रहे थे, तभी 4 से 5 युवक वहां पहुंचे और जबरन पैसे की मांग करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया आयुष Dallas के भाई के साथ बेरहमी से हाथापाई की गई, जिससे वह घायल हो गया। आरोप है कि निक्की चौधरी, किशन चौधरी और उनके साथियों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया।
इतना ही नहीं, कुछ देर बाद आरोपी दोबारा लौटे और दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। भट्टी, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि बाहर खड़ी गाड़ियों को नाली में फेंक दिया गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद है, इसके बावजूद पुलिस की सुस्ती सवालों के घेरे में है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद भी पीड़ित परिवार सुरक्षित नहीं है। लगातार फोन पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं और समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में मदनमहल थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस केवल मामला दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। अगर समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है।
यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि मदनमहल क्षेत्र में गुंडों का हौसला इतना बढ़ चुका है कि वे खुलेआम वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं, और पुलिस सिर्फ आश्वासन देने तक सीमित रह जाती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक कार्रवाई करती है, या फिर आम जनता यूं ही डर के साए में जीने को मजबूर रहेगी।



