Latest News
जबलपुर में दुकान बंद, धंधा चालू: अमखेड़ा शराब दुकान से देर रात खुलेआम बिक्री, जिम्मेदारों पर सवाल
दुकान बंद, धंधा चालू: अमखेड़ा शराब दुकान से देर रात खुलेआम बिक्री, जिम्मेदारों पर सवाल

जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र स्थित अमखेड़ा शराब दुकान एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां नियमों को ताक पर रखकर देर रात तक खुलेआम शराब बेची जा रही है, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान बंद होने के निर्धारित समय के बाद भी ठेकेदारों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी डर के शराब का अवैध कारोबार चला रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रात में दुकान का शटर बंद कर दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद पीछे के रास्तों या गुप्त खिड़कियों के जरिए ग्राहकों को शराब उपलब्ध कराई जाती है। यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन आबकारी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। सवाल उठता है कि जब यह गतिविधियां खुलेआम हो रही हैं, तो क्या विभाग को इसकी भनक नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अवैध बिक्री के चलते क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की संख्या बढ़ गई है। देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार विवाद और झगड़े जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
नियमों के मुताबिक, शराब दुकानों को निर्धारित समय पर बंद करना अनिवार्य है और उसके बाद किसी भी प्रकार की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अमखेड़ा शराब दुकान से नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह स्थिति सीधे तौर पर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
अब जरूरत है कि उच्च अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और जांच कराएं कि आखिर किनकी मिलीभगत से यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाता है या फिर इस तरह की लापरवाही आगे भी जारी रहती है।



