जबलपुर में पाटन पुलिस की अनदेखी पड़ी भारी: भू-माफियाओं के हमले के बाद भी बेखौफ घूम रहे आरोपी” अस्पताल तक पहुंचकर दी जा रही धमकियां”
पाटन पुलिस की अनदेखी पड़ी भारी: भू-माफियाओं के हमले के बाद भी बेखौफ घूम रहे आरोपी” अस्पताल तक पहुंचकर दी जा रही धमकियां”

जबलपुर। जिले में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां एक ओर भू-माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पाटन थाना पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में नजर आ रही है। हाई कोर्ट में मुंशी के रूप में कार्यरत ठाकुर दास पटेल आज अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि इस हालात के लिए कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही जिम्मेदार है।
पीड़ित के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर उन्होंने पहले ही पाटन थाना पुलिस सहित अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी थीं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं। यदि समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती, तो शायद 9 अप्रैल की रात उन पर हुआ जानलेवा हमला टल सकता था।

घटना के मुताबिक, बेनीखेड़ा क्षेत्र में एक सुनियोजित तरीके से ठाकुर दास को रोका गया, उनकी आंखों में मिर्च झोंकी गई और फिर बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अब अस्पताल में भर्ती हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि हमले के बाद भी आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अस्पताल तक पहुंचकर पीड़ित को केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपियों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है।
पीड़ित ने साफ तौर पर कहा है कि अगर उनके साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी पाटन थाना पुलिस की होगी। इस पूरे मामले ने न सिर्फ पुलिस की निष्क्रियता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि आम नागरिक की सुरक्षा कितनी कमजोर हो चुकी है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर कोई ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।



