जबलपुर में लापता ऑटो चालक की गुत्थी: 5 दिन बाद कब्र से निकला शव, परिवार ने जताई हत्या की आशंका
लापता ऑटो चालक की गुत्थी: 5 दिन बाद कब्र से निकला शव, परिवार ने जताई हत्या की आशंका

जबलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 18 अप्रैल से लापता एक ऑटो चालक का शव 5 दिन बाद कब्र खोदकर बाहर निकाला गया। मामला अधारताल थाना क्षेत्र का है, जहां रहने वाला दीपक सिंह 18 अप्रैल की रात करीब 9 बजे घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो उसका ऑटो घमापुर-भानतलैया पानी टंकी के पास एक पेट्रोल पंप के सामने लावारिस हालत में खड़ा मिला। हैरानी की बात यह रही कि CCTV फुटेज में ऑटो खड़ा करने वाला व्यक्ति दीपक नहीं, बल्कि कोई और नजर आया।
जांच के दौरान पुलिस ने विक्टोरिया अस्पताल में मृत पाए गए एक अज्ञात व्यक्ति की तस्वीरें परिजनों को दिखाई, जिसे देखकर परिवार ने उसकी पहचान दीपक सिंह के रूप में की। पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल की सुबह स्नेह नगर यादव कॉलोनी इलाके में यह व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला था, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
शिनाख्त न होने के चलते मदन महल पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लावारिस मानकर चौहानी श्मशान घाट में दफना दिया था। लेकिन पहचान होने के बाद बुधवार को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर परिजनों को सौंप दिया गया।
इधर, मृतक के भाई दिलीप सिंह ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि दीपक की मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई साजिश या आपराधिक घटना हो सकती है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि शव की हालत खराब होने और पहचान न होने के कारण नियम अनुसार कार्रवाई की गई थी। अब परिजनों के आरोपों के बाद मामले की जांच और गहराने की संभावना है।
क्या दीपक की मौत एक हादसा थी या फिर किसी साजिश का हिस्सा? पुलिस जांच के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ पाएगा।



