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जबलपुर # वृद्ध आश्रम में गूंजी भागवत कथा, “भक्ति ही जीवन का सच्चा सहारा” : सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज
वृद्ध आश्रम में गूंजी भागवत कथा, “भक्ति ही जीवन का सच्चा सहारा” — सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज

सेटन्यूज़, जबलपुर। शास्त्री नगर स्थित निराश्रित वृद्ध आश्रम में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहां श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ बड़े ही विधि-विधान और उत्साह के साथ किया गया, जिसने आश्रम के वृद्धजनों के जीवन में नई आशा और सकारात्मकता का संचार किया है।

व्यास पीठ से कथा का दिव्य प्रवचन करते हुए सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि समस्त वेदों और पुराणों का सार है। उन्होंने बताया कि कथा का श्रवण करने मात्र से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और उसे आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्राप्त होता है।

अपने ओजस्वी वचनों में सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, और इसे व्यर्थ न गंवाकर भगवान की भक्ति में लगाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कलयुग का उल्लेख करते हुए कहा कि इस युग में केवल भगवान के नाम का जाप ही मोक्ष का सबसे सरल और प्रभावी साधन है।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन कुछ समय भगवान के नाम, भजन और कीर्तन के लिए अवश्य निकालें, जिससे जीवन में शांति, संतोष और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

आश्रम की अधीक्षक रेवेन्दु जी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय कथा 24 जून से 30 जून तक आयोजित की जा रही है। यह आयोजन इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन और अनुमोदन से संपन्न हो रहा है, जिसका उद्देश्य वृद्धजनों के जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाना है।
कथा के प्रथम दिवस पंडित अमित उपाध्याय और संजय उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कराया। वहीं भजन गायक शरद तिवारी ने अपनी मधुर आवाज में भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर पत्रकार सुनील सेन, अंजना शुक्ला, उर्मिला पांडे, चंद्रा दीक्षित सहित कई गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

शोभायात्रा और स्वागत का भव्य दृश्य:
कथा प्रारंभ होने से पहले आश्रम में एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। वृद्ध महिलाओं ने शिव शक्ति मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर इस शोभायात्रा की शुरुआत की। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं और वृद्धजनों ने मिलकर कथा व्यास सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।
कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के उस वर्ग के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरा है, जिन्हें सबसे अधिक प्रेम, सहारा और आध्यात्मिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। श्रीमद् भागवत कथा ने यह संदेश दिया कि भक्ति ही जीवन को सच्चे अर्थों में सुखमय और सार्थक बनाती है।



