दिनदहाड़े बुजुर्ग से लूट, घर के बाहर बुजुर्ग को बनाया निशाना,घटना ने खोली ग्वारीघाट पुलिस की सतर्कता की पोल
ग्वारीघाट में बुजुर्ग से चेन लूट, पुलिस गश्त पर उठे सवाल! घर के बाहर वारदात कर फरार हुआ बदमाश

जबलपुर के ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई चेन लूट की वारदात ने एक बार फिर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। रेलवे से सेवानिवृत्त 74 वर्षीय बुजुर्ग महेश कुमार शर्मा के गले से सोने की चेन छीनकर बदमाश फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुद को कोरियर वाला बताकर घर के बाहर पहुंचा और वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं ग्वारीघाट पुलिस की गश्त और सतर्कता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक न्यू पीपी कॉलोनी निवासी महेश कुमार शर्मा रेलवे से रिटायर्ड हैं। 22 मई की दोपहर लगभग 2:40 बजे वह अपने घर पर मौजूद थे। तभी बाहर से किसी ने आवाज लगाई। जब बुजुर्ग बाहर पहुंचे तो एक युवक ने खुद को कोरियर कर्मचारी बताया और उन्हें एक लिफाफा थमा दिया। जैसे ही बुजुर्ग लिफाफा पढ़ने लगे, आरोपी ने उनके गले में पहनी करीब 40 हजार रुपए कीमत की सोने की चेन झपट ली और भाग निकला।
बुजुर्ग ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन बदमाश पहले से तैयार था। कुछ दूरी पर टू-व्हीलर चालू हालत में खड़ी थी, जिस पर बैठकर आरोपी मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि ग्वारीघाट इलाके में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता सड़क पर कहीं नजर नहीं आती।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिनदहाड़े एक बुजुर्ग के घर के सामने बदमाश वारदात कर आराम से फरार हो जाता है और पुलिस को भनक तक नहीं लगती। क्या ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सख्त कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
घटना के बाद ग्वारीघाट पुलिस ने धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि लोगों का कहना है कि वारदात के बाद कार्रवाई की बजाय जरूरत पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की थी, ताकि बुजुर्ग और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
अब देखना होगा कि ग्वारीघाट पुलिस इस लुटेरे तक कब पहुंचती है और क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



