48 घंटे की तलाश के बाद मिला परिवार, बरगी पुलिस ने निभाई मानवता की जिम्मेदारी
इंसानियत की मिसाल बनी बरगी पुलिस, उत्तरप्रदेश के नाबालिग को परिजनों तक पहुंचाया मानसिक रूप से विक्षिप्त नाबालिग को परिवार से मिलाने में बरगी पुलिस को सफलता, उत्तरप्रदेश से पहुंचे परिजन

जबलपुर। बरगी थाना पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक मानसिक रूप से विक्षिप्त नाबालिग बालक को उसके परिजनों से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की तत्परता और लगातार की गई पतासाजी के चलते उत्तरप्रदेश के हाथरस जिले से पहुंचे परिजनों को बालक सुरक्षित सुपुर्द किया गया।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय के निर्देश पर थाना बरगी में 21 मई 2026 को मिले मानसिक रूप से विक्षिप्त बालक के परिजनों की तलाश के लिए विशेष प्रयास शुरू किए गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 सुश्री अंजना तिवारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक बरगी संभाग श्री अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना स्तर पर टीम गठित कर बालक की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार एफआरवी-32 को सूचना मिली थी कि ग्राम खापा कालादेही क्षेत्र में एक नाबालिग बालक मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में भटक रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बालक को सुरक्षित थाना लेकर आई। पूछताछ के दौरान बालक अपनी सही जानकारी नहीं दे पा रहा था, जिससे उसकी पहचान करने में काफी कठिनाई हो रही थी।
इसके बाद बरगी पुलिस ने तकनीक और सोशल मीडिया का सहारा लिया। बालक की जानकारी मिसिंग चाइल्ड पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई। लगातार प्रयासों के बाद बालक की पहचान संकेत पिता रामप्रकाश निवासी जिला हाथरस, उत्तरप्रदेश के रूप में हुई।
बालक की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उसे सुरक्षित रखने के साथ-साथ उपचार के लिए सुखसागर अस्पताल जबलपुर में भर्ती कराया। उसकी निगरानी के लिए पुलिस कर्मचारी भी तैनात किए गए। 23 मई 2026 को बालक का भाई थाना बरगी पहुंचा, जिसने उसकी पहचान अपने छोटे भाई संकेत के रूप में की। आवश्यक सत्यापन और पूछताछ के बाद पुलिस ने बालक को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया।
इस पूरे मामले में निरीक्षक नीलेश दोहरे, उप निरीक्षक उमाशंकर पाण्डेय, आरक्षक उमाशंकर डेहरिया, प्रताप पन्द्रे एवं दारा सिंह की विशेष भूमिका रही। बरगी पुलिस की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।



