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भाजपा पार्षद का शराब वाला वीडियो वायरल! संस्कार और अनुशासन के दावों पर उठे बड़े सवाल

जिम्मेदारी भूल शराब पार्टी में डूबे भाजपा पार्षद? वायरल वीडियो से मचा बवाल

जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत सुभाष चंद्र वार्ड के भाजपा पार्षद महेश सिंह राजपूत एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में पार्षद कथित तौर पर शराब पीते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद अब जनता भाजपा और उसके जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या जनता के विश्वास से चुने गए प्रतिनिधियों का यही आचरण होना चाहिए?

भारतीय जनता पार्टी खुद को संस्कार, अनुशासन और नैतिक राजनीति की पार्टी बताती है। मंचों से लगातार आदर्श राजनीति और सामाजिक जिम्मेदारी की बातें की जाती हैं। लेकिन अब उसी भाजपा के पार्षद का शराब पार्टी वाला वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी के दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कह रहे हैं कि जनता ने विकास कार्यों के लिए प्रतिनिधि चुना था, न कि विवादों में रहने के लिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि समाज का चेहरा होता है और उसका व्यवहार युवाओं के लिए उदाहरण माना जाता है। ऐसे में यदि कोई पार्षद खुलेआम शराब पीते हुए नजर आए, तो यह जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने जैसा है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब आम जनता पर नियम-कानून और मर्यादा की बातें लागू होती हैं, तो जनप्रतिनिधियों के लिए अलग मापदंड क्यों?

वायरल वीडियो ने भाजपा संगठन की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोल रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या भाजपा अपने पार्षद के इस कथित आचरण पर कोई कार्रवाई करेगी या फिर मामला दबाने की कोशिश होगी। क्योंकि जब दूसरे दलों के नेताओं के वीडियो सामने आते हैं, तब भाजपा अक्सर नैतिकता और संस्कार की दुहाई देती नजर आती है।

लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स और विश्वास से सत्ता तक पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। वार्ड की समस्याएं, सड़क, पानी, सफाई और जनता की परेशानियां छोड़ अगर जनप्रतिनिधि इस तरह की गतिविधियों में व्यस्त दिखाई दें, तो जनता का भरोसा टूटना तय है। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार बहस जारी है।

अब बड़ा सवाल यही है कि भाजपा अपने पार्षद के वायरल वीडियो पर क्या रुख अपनाएगी? क्या पार्टी कार्रवाई करेगी या फिर यह मामला भी राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा? फिलहाल वीडियो ने शहर की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

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