नाबालिग से ब्लैकमेल कर गैंगरेप, मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार; शहपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई,14 वर्षीय छात्रा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया
नाबालिग से ब्लैकमेल कर गैंगरेप, मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार; शहपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई,14 वर्षीय छात्रा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया

जबलपुर के शहपुरा थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और सामूहिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक सीनियर छात्र ने पहले छात्रा को झांसे में लेकर उसके साथ दुष्कर्म किया और कथित तौर पर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को डराया गया और उसके साथ लगातार शोषण किया गया।
वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप,
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी निखिल सिंह राजपूत, उम्र 18 वर्ष, की छात्रा से स्कूल में पहचान हुई थी। आरोप है कि दिसंबर 2025 में वह छात्रा को घुमाने के बहाने सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर छात्रा को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जाने लगा।
चार अन्य आरोपियों पर भी गंभीर आरोप,
पुलिस के अनुसार बाद में मुख्य आरोपी के साथियों को कथित वीडियो की जानकारी हुई। आरोप है कि संदीप चौहान, प्रशांत पटेल, सौरभ सिंह और एक अन्य नाबालिग ने भी छात्रा को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका शोषण किया। लगातार धमकियों के कारण पीड़िता कई महीनों तक डर और मानसिक दबाव में रही।
20 अगस्त की घटना के बाद परिवार को बताई पूरी बात,
पुलिस के मुताबिक 20 अगस्त को आरोपी छात्रा को स्कूल के बाहर से कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए। घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। परिजन तत्काल शाहपुरा थाना पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी।
शहपुरा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे ने दी जानकारी,
शहपुरा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे के मुताबिक पीड़िता 14 वर्षीय नाबालिग है और थाना क्षेत्र की रहने वाली है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में नाम सामने आए सभी आरोपी भी शहपुरा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सब इंस्पेक्टर रितु उपाध्याय के नेतृत्व में कार्रवाई,
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे के अनुसार इस पूरे मामले की कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर रितु उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत सभी पांच आरोपियों को पकड़ लिया।
मुख्य आरोपी समेत पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में,
पुलिस के मुताबिक मामले में निखिल सिंह राजपूत, संदीप चौहान, प्रशांत पटेल, सौरभ सिंह और एक अन्य नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार/अभिरक्षा में लिया गया है। नाबालिग आरोपी के संबंध में कानून के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी जांच,
मामले में कथित वीडियो को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित वीडियो किसने बनाया, किसके पास रहा और उसका इस्तेमाल किस तरह ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शहपुरा पुलिस की तत्परता से आरोपियों पर शिकंजा,
नाबालिग से जुड़ी शिकायत सामने आने के बाद शहपुरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई में तेजी दिखाई। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे के निर्देशन में सब इंस्पेक्टर रितु उपाध्याय और पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते मामले में नामजद सभी पांच आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
अब जांच से सामने आएगा पूरे मामले का सच,
पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब विवेचना के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
नाबालिग की पहचान पूरी तरह गोपनीय,
इस मामले में पीड़िता 14 वर्षीय नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान कानून के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है। ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ पीड़िता की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस की कार्रवाई पर अब न्यायिक प्रक्रिया की नजर,
फिलहाल शहपुरा पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी थाना क्षेत्र के निवासी हैं। अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट होगा कि आरोपों से जुड़े कौन-कौन से साक्ष्य सामने आते हैं और प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या रही।



