नन्ही जिंदगियों की जंग के बीच कलेक्टर का दौरा! NICU पहुंचे राघवेन्द्र सिंह, डॉक्टरों को दिए बेहतर इलाज के निर्देश
नन्ही जिंदगियों की जंग के बीच कलेक्टर का दौरा! NICU पहुंचे राघवेन्द्र सिंह, डॉक्टरों को दिए बेहतर इलाज के निर्देश,छिंदवाड़ा से जबलपुर आए नवजातों पर प्रशासन की नजर

जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती नवजात बच्चों के उपचार को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने अस्पताल की न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट यानी NICU पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य और चल रहे उपचार की जानकारी ली।
NICU में पहुंचकर डॉक्टरों से जाना पूरा हाल,
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने संबंधित चिकित्सकों से चर्चा कर भर्ती बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बच्चों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं, उपचार की प्रक्रिया और उनकी लगातार हो रही निगरानी को लेकर भी चिकित्सकों से जानकारी ली।
छिंदवाड़ा से रेफर होकर आए हैं बच्चे,
बताया गया कि जिला अस्पताल छिंदवाड़ा से रेफर होकर आए बच्चों को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्चों की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
इलाज में किसी तरह की कमी न रहे—कलेक्टर,
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि बच्चों के उपचार में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखने पर जोर दिया।
हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर,
कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से कहा कि नवजात बच्चों के उपचार के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और चिकित्सा सुविधाएं जरूरी हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सके।
प्रशासन और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज,
कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान संबंधित चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। बच्चों के उपचार की स्थिति की जानकारी लेने के साथ प्रशासन ने चिकित्सा टीम से लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा है। अब बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार पर सभी की नजर बनी हुई है।
नन्ही जिंदगियों के लिए हर संभव प्रयास,
छिंदवाड़ा से जबलपुर तक पहुंचे इन बच्चों के उपचार को लेकर परिवारों की उम्मीदें अस्पताल की चिकित्सा टीम पर टिकी हैं। वहीं जिला प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। कलेक्टर का NICU पहुंचना इस बात का संकेत है कि बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है।



