जबलपुर में पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम! 70 वर्षीय बुजुर्ग पर बका से हमला, कान कटा—तीनों आरोपी फरार
पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम! 70 वर्षीय बुजुर्ग पर बका से हमला, कान कटा—तीनों आरोपी फरार

जबलपुर। बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम मेरेगांव में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। यहां 70 वर्षीय सरदार सिंह राजपूत पर कथित तौर पर बाबू उर्फ आदित्य, राजबहादुर सिंह और आजाद राजपूत ने बका से हमला कर दिया। हमले में वृद्ध के कान और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ होकर बेहोश हो गए। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
बताया गया कि सरदार सिंह अपने पोते के साथ एनएच-45 के किनारे स्थित चाय-नाश्ते के टपरे पर सो रहे थे। रात करीब 3 बजे अचानक तीनों आरोपी वहां पहुंचे और कथित तौर पर पुरानी बुराई को लेकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और आरोप है कि आरोपियों ने बका से वृद्ध पर हमला कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे तो सरदार सिंह गंभीर हालत में पड़े मिले। उनके कान से खून निकल रहा था और चेहरे पर भी चोट के निशान थे। परिजन तत्काल उन्हें लेकर शहपुरा के सरकारी अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें आगे रेफर कर दिया, जिसके बाद घायल वृद्ध को दीनदयाल स्थित स्वास्तिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
70 साल के बुजुर्ग को नहीं बख्शा, पुरानी रंजिश में खूनी हमला,
इस वारदात में सबसे गंभीर बात यह है कि जिस उम्र में व्यक्ति को सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए, उसी उम्र के एक बुजुर्ग पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया गया। आरोप है कि बाबू उर्फ आदित्य, राजबहादुर सिंह और आजाद राजपूत ने मिलकर हमला किया। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि पुरानी रंजिश की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और आखिर विवाद इतना बढ़ा कि बका से हमला करने की नौबत क्यों आई।
तीनों आरोपी फरार, पुलिस के सामने गिरफ्तारी की चुनौती,
घटना के बाद तीनों आरोपी—बाबू उर्फ आदित्य, राजबहादुर सिंह और आजाद राजपूत—फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 109 और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब पीड़ित परिवार की निगाह पुलिस कार्रवाई पर टिकी है।
वारदात के बाद गांव में भी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच सवाल है कि आखिर पुरानी रंजिश को लेकर विवाद इतना गंभीर कैसे हो गया कि एक बुजुर्ग को अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अब देखना होगा कि पुलिस तीनों आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और जांच में हमले की असली वजह और पूरी घटना की कड़ी किस तरह सामने आती है।



