रातभर अपराधियों के पीछे दौड़ी जबलपुर पुलिस! 269 वारंट तामील, 25 शराब कारोबारी गिरफ्तार,अपराधियों की तलाश में रातभर चला बड़ा अभियान,
रातभर अपराधियों के पीछे दौड़ी जबलपुर पुलिस! 269 वारंट तामील, 25 शराब कारोबारी गिरफ्तार,अपराधियों की तलाश में रातभर चला बड़ा अभियान,

जबलपुर में अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने एक बार फिर अपनी ताकत जमीन पर उतार दी। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर 22 अगस्त की रात से 23 अगस्त तड़के तक शहर और ग्रामीण इलाकों में विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर पहुंचीं और लंबे समय से फरार आरोपियों, वारंटियों तथा अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
सालों से पुलिस को चकमा दे रहे वारंटी पकड़ाए,
अभियान की सबसे बड़ी सफलता लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की धरपकड़ रही। पुलिस टीमों ने दबिश देकर 117 गैर-जमानती वारंट, 85 गिरफ्तारी वारंट और 67 जमानती वारंट तामील किए। यानी एक ही कॉम्बिंग गश्त में कुल 269 वारंट पर कार्रवाई की गई। इनमें ऐसे आरोपी भी शामिल बताए गए हैं जो कई वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर थे और लगातार ठिकाने बदलकर कानून से बचते आ रहे थे।
एक साथ कई मोर्चों पर पुलिस की कार्रवाई,
कॉम्बिंग गश्त को केवल वारंटियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा गया। पुलिस ने सक्रिय गुंडे-बदमाशों की भी जांच की और देर रात सड़कों पर घूमने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। पुलिस टीमों ने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग भी की, ताकि अपराध की किसी संभावित घटना को समय रहते रोका जा सके।
अवैध शराब के खिलाफ भी शिकंजा,
अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर भी बड़ी कार्रवाई की। अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 35 लीटर कच्ची शराब और 491 पाव देशी एवं अंग्रेजी शराब जब्त की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड भी पुलिस की निगरानी में,
रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुसाफिरखाना सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की गई। देर रात आने-जाने वालों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली गई।
अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक पूरा अमला मैदान में,
इस विशेष अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला, अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अखिलेश तिवारी सहित नगर पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी और थाना प्रभारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीमें सक्रिय रहीं।
हर टीम में थाना प्रभारी के साथ उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस ने संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर दबिश देने की रणनीति अपनाई, जिससे लंबे समय से फरार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
एसपी ने साफ किया—अपराधियों को नहीं मिलेगा बचने का मौका,
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करना और जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना पुलिस की प्राथमिकता है। लंबे समय से कानून से बचते आ रहे आरोपियों को पकड़ना जरूरी था। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
कॉम्बिंग गश्त से अपराधियों में बढ़ा पुलिस का दबाव,
जबलपुर पुलिस की इस कार्रवाई का असर केवल 269 वारंट की तामीली और 25 गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। रातभर चले अभियान ने उन अपराधियों के बीच भी पुलिस का दबाव बढ़ाया है जो लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश कर रहे थे। साथ ही अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई से यह संदेश गया है कि गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर पुलिस अब केवल शिकायत का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि सक्रिय रूप से संदिग्ध ठिकानों पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
अब लगातार जारी रहेगा पुलिस का अभियान,
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और गिरफ्तार आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी वारंटियों की धरपकड़, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध शराब पर कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी का अभियान जारी रहने की बात कही गई है।
रात के अंधेरे में चली इस कॉम्बिंग गश्त ने साफ कर दिया कि जबलपुर पुलिस अब अपराधियों को उनके ठिकानों तक जाकर तलाश रही है। 269 वारंट की तामीली और 25 शराब कारोबारियों की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल यही है कि अगली कॉम्बिंग गश्त में पुलिस के रडार पर कौन होगा।



