निराश्रित’ नहीं भगवान के ‘आश्रित’ हैं आप, निराश्रित वृद्ध आश्रम में व्यास पीठ से सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उदगार
निराश्रित' नहीं भगवान के 'आश्रित' हैं आप, निराश्रित वृद्ध आश्रम में व्यास पीठ से सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उदगार

जबलपुर। वृद्ध आश्रम में निवास करने वाले आप सभी लोग असल में निराश्रित नहीं हैं, क्योंकि आप सभी भगवान के आश्रित हैं। जो भगवान के आश्रित होते हैं, उनको उनके सुख का ध्यान भगवान स्वयं रखते हैं। इसलिए तो भगवान ने व्यवस्था बनकर आप सभी को इस वृद्ध आश्रम में रखा है। जहां आप सभी लोगों को घर से ज्यादा बेहतर सुख और सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। अब आप भी इसका लाभ उठाते हुए निरंतर भगवान का नाम जाप और कीर्तन करें, जिससे आपका कल्याण होगा।
उक्त उदगार निराश्रित वृद्ध आश्रम शास्त्री नगर में श्रीमद् भागवत कथा में व्यास पीठ से शिव मंदिर कचनार सिटी (बड़े शंकर जी) के मुख्य आचार्य एवं मां दक्षिणेश्वरी धाम के संस्थापक सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने व्यक्त किए।
शास्त्री जी की अदभुत कथा शैली-
वृद्ध आश्रम की अधीक्षक रेवेन्दु सिंह ने बताया कि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन तथा अनुमोदन पर श्रीमद् भागवत कथा का निःशुल्क आयोजन किया जा रहा है। कथा में शास्त्री जी द्वारा भगवान की दिव्य कथाओं की व्याख्या बड़े ही सरल रूप से की जा रही है। शास्त्री जी की कथा शैली अद्भुत है, जिसका लाभ आश्रम में रह रहे सभी वृद्ध जन ले रहे हैं। निश्चित ही इससे उनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भजनों की शानदार प्रस्तुति-
कथा में पंडित अमित उपाध्याय एवं संजय उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार कर पूजन अर्चन संपन्न कराया। भजन गायक शरद तिवारी ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान पत्रकार सुनील सेन, प्रीति श्रीवास्तव, संध्या चतुर्वेदी, अंजना शुक्ला, उर्मिला पांडे, सहित अन्य भक्त उपस्थित थे।



