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पाटन में चोरों का राज, पुलिस सिर्फ दर्ज कर रही एफआईआर! दिनदहाड़े लाखों की चोरी ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

पाटन में चोरों का राज, पुलिस सिर्फ दर्ज कर रही एफआईआर! दिनदहाड़े लाखों की चोरी ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

जबलपुर। पाटन थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न पुलिस का डर है और न ही कानून का खौफ। ताजा मामला नाका नंबर-02 चौधरी मोहल्ला का है, जहां दिनदहाड़े एक सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। इस घटना ने एक बार फिर पाटन थाना पुलिस की कार्यप्रणाली और क्षेत्र में कानून व्यवस्था की हकीकत को उजागर कर दिया है।

घनश्याम प्रजापति अपनी मां के साथ खेत में काम करने गया था। घर में ताला लगा था और पिता मजदूरी करने बाहर गए हुए थे। परिवार को क्या पता था कि उनकी गैरमौजूदगी में चोर घर पर धावा बोल देंगे। दोपहर करीब एक बजे जब परिवार वापस लौटा तो घर का मुख्य ताला टूटा मिला। अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और ड्रम में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा 20 हजार रुपये नकद गायब थे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिनदहाड़े हुई इस वारदात के दौरान पुलिस कहां थी? पाटन नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्त और निगरानी का असर कहीं दिखाई नहीं देता। यदि क्षेत्र में नियमित और प्रभावी पुलिस पेट्रोलिंग होती तो शायद चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार नहीं हो पाते।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पाटन थाना पुलिस अपराध होने के बाद सिर्फ मामला दर्ज करने तक सीमित रह जाती है। हर बड़ी चोरी के बाद जांच और जल्द खुलासे के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में अधिकांश मामलों का खुलासा नहीं हो पाता। यही कारण है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

चोरी गए सामान में चांदी का कड़डोरा, चार जोड़ी पायल, दो चांदी की चैन, बीस बिछिया, कई चांदी की अंगूठियां, कंगन, सोने के टॉप्स, सोने की अंगूठी, सोने की गुरिया और 20 हजार रुपये नकद शामिल हैं। यह मेहनतकश परिवार की वर्षों की जमा पूंजी थी, जिस पर चोरों ने कुछ ही मिनटों में हाथ साफ कर दिया।

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब लोगों का भरोसा सिर्फ एफआईआर पर नहीं बल्कि परिणाम पर है। सवाल यह है कि आखिर पाटन थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम कब लगेगी? क्या पुलिस अपराध होने का इंतजार करती रहेगी या फिर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कोई ठोस रणनीति भी बनाई जाएगी?

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