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भाजपा नेता उज्ज्वल पचौरी पर करोड़ों के टोल एग्रीमेंट फर्जीवाड़े का आरोप, अमित द्विवेदी ने एसपी से की FIR की मांग

भाजपा नेता उज्ज्वल पचौरी पर करोड़ों के टोल एग्रीमेंट फर्जीवाड़े का आरोप, अमित द्विवेदी ने एसपी से की FIR की मांग

जबलपुर में कथित करोड़ों रुपये के टोल प्लाजा पार्टनरशिप एग्रीमेंट मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस बार शिकायतकर्ता अमित द्विवेदी ने पुलिस अधीक्षक को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए भाजपा नेता उज्ज्वल पचौरी को पूरे मामले का मुख्य मास्टरमाइंड बताते हुए उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया है कि कुख्यात गैंगस्टर अमित खम्परिया के साथ करोड़ों रुपये के कथित टोल प्लाजा पार्टनरशिप एग्रीमेंट नियमों के विरुद्ध तैयार कराए गए।


शिकायतकर्ता अमित द्विवेदी, जो स्वयं को अमित खम्परिया का मैनेजर बताते हैं, ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि भाजपा नेता उज्ज्वल पचौरी ने महावीर डेयरी के पास स्थित अपने यू.वी. ऑनलाइन सेंटर में मात्र 500-500 रुपये के दो स्टाम्पों पर करोड़ों रुपये के टोल प्लाजा पार्टनरशिप अनुबंध तैयार किए। शिकायत के अनुसार इन अनुबंधों को स्वयं उज्ज्वल पचौरी ने टाइप किया और गवाहों की मौजूदगी में तैयार कराया। आरोप है कि इसके एवज में उन्होंने ब्लाइंड पार्टनरशिप दिलाने के नाम पर भारी रकम भी ली।

अमित द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने इससे पहले भी दो बार पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय, रायबरेली कार्यालय और जबलपुर कार्यालय सहित कई विभागों से जानकारी मांगी। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन विभागों से प्राप्त जवाबों में ऐसे अनुबंधों को वैध नहीं माना गया और यह स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार के एग्रीमेंट नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े गवाहों, उत्तर प्रदेश के कथित पीड़ितों तथा संबंधित नोटरी के लिखित बयानों में भी उज्ज्वल पचौरी की भूमिका का उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार सभी ने पुलिस को दिए गए बयानों में कहा कि अनुबंध तैयार कराने और पूरी प्रक्रिया संचालित करने में उज्ज्वल पचौरी की प्रमुख भूमिका थी।

शिकायतकर्ता अमित द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि उज्ज्वल पचौरी स्वयं को भाजपा का प्रभावशाली नेता बताते थे और लोगों से कहते थे कि उन्हें सरकार की ओर से इस प्रकार के अनुबंध कराने का अधिकार प्राप्त है तथा अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी या अन्य औपचारिकताओं की आवश्यकता नहीं है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी भरोसे में लेकर लोगों से कथित रूप से अनुबंध कराए गए।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस ने मामले की जांच के दौरान जिला कलेक्टर कार्यालय के राजस्व विभाग से भी इन कथित अनुबंधों के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार राजस्व विभाग की रिपोर्ट में कथित रूप से स्टाम्पों के शीर्षक में बदलाव, मुद्रांक संबंधी अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि राजस्व विभाग ने ऐसे मामलों में मुद्रांक शुल्क का आकलन कर संबंधित राशि की वसूली किए जाने का भी सुझाव दिया है।

अमित द्विवेदी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि भाजपा नेता उज्ज्वल पचौरी के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि सभी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है तो वे इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और पुलिस तथा शासन के खिलाफ याचिका दायर करेंगे।

अब यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर शिकायतकर्ता अमित द्विवेदी गंभीर आरोपों के साथ तत्काल एफआईआर की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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