रायसेन जेल में सनसनीखेज फायरिंग: हत्या के आरोपी ने जेल प्रहरी को मारी गोली, ‘देसी कट्टा’ पहुंचा कैसे?
रायसेन जेल में सनसनीखेज फायरिंग: हत्या के आरोपी ने जेल प्रहरी को मारी गोली, ‘देसी कट्टा’ पहुंचा कैसे?

सुनील सेन SET NEWS जबलपुर ! रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह हुई फायरिंग की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हत्या के मामले में बंद विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर ने कथित तौर पर जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर देसी कट्टे से गोली चला दी। गोली प्रहरी के शरीर में फंस गई, जिससे उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दिग्विजय सिंह तोमर को भोपाल एम्स रेफर किया गया है।
बताया जा रहा है कि नीलेश ठाकुर फलों की टोकरी लेकर जेल गेट तक पहुंचा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर फायर कर दिया। गोली चलते ही जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जेल स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नीलेश ठाकुर को पकड़ लिया।
सबसे बड़ा सवाल—जेल में देसी कट्टा आया कहां से?
जिस जेल में कैदियों की निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए, वहां एक विचाराधीन कैदी के हाथ में देसी कट्टा पहुंचना गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है। अब जांच में सबसे अहम सवाल यही है कि नीलेश ठाकुर तक हथियार पहुंचा कैसे?
क्या हथियार जेल के बाहर से अंदर पहुंचाया गया?
क्या जेल गेट पर तलाशी के दौरान चूक हुई?
क्या किसी व्यक्ति ने कैदी तक हथियार पहुंचाया?
या जेल परिसर के भीतर ही सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगी?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे।
डीजी जेल वरुण कपूर के आदेश पर जांच,
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजी जेल वरुण कपूर ने पूरे मामले की जांच आईजी जेल को सौंप दी है। जांच में हथियार जेल तक पहुंचने से लेकर घटना के दौरान हुई सुरक्षा व्यवस्था की पूरी पड़ताल की जाएगी।
जेल अधीक्षक आर.के. चौरे सस्पेंड,
घटना के बाद रायसेन जिला जेल के जेल अधीक्षक आर.के. चौरे को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अब जांच में यह भी तय होगा कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर लापरवाही हुई और उसकी जिम्मेदारी किसकी थी।
फिलहाल जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर का भोपाल एम्स में इलाज जारी है, जबकि नीलेश ठाकुर को जेल स्टाफ ने पकड़ लिया है।
रायसेन जेल की इस घटना ने प्रदेश की जेल सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कैदी के हाथ में देसी कट्टा पहुंचने की पूरी कहानी क्या है और इस सुरक्षा चूक के पीछे कौन जिम्मेदार है—अब जांच की रिपोर्ट पर सबकी नजर है।



