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वृद्ध आश्रम में सजी श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की दिव्य झांकी, भक्ति और उल्लास में झूमे बुजुर्ग

वृद्ध आश्रम में सजी श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की दिव्य झांकी, भक्ति और उल्लास में झूमे बुजुर्ग

जबलपुर के निराश्रित वृद्ध आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बैंड-बाजों और सजी-धजी बग्घी के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें आश्रम के बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ नृत्य कर आनंद व्यक्त किया। बारात के स्वागत के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी का विवाह संपन्न कराया गया।

व्यासपीठ से शिव मंदिर कचनार सिटी (बड़े शंकर जी) के मुख्य आचार्य एवं मां दक्षिणेश्वरी धाम के संस्थापक सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए प्रेम, धर्म और समर्पण का संदेश दिया। उनके प्रेरणादायी प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं और वृद्धजनों को भावविभोर कर दिया।

वृद्ध आश्रम की अधीक्षक रेवेन्दु सिंह ने बताया कि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में आश्रम में निःशुल्क श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान पंडित अमित उपाध्याय एवं संजय उपाध्याय ने वैदिक विधि-विधान से पूजन एवं विवाह संस्कार संपन्न कराया।

भजन गायक शरद तिवारी और शिवा विश्वकर्मा की मधुर भजन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के साथ फूलों की होली खेली गई, जिसमें आश्रम के बुजुर्गों ने पुष्पवर्षा कर भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर पत्रकार सुनील सेन, प्रीति श्रीवास्तव, संध्या चतुर्वेदी, अंजना शुक्ला, उर्मिला पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि भक्ति, प्रेम और अपनापन जीवन के हर पड़ाव को उत्सव में बदल सकता है।

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