हाईवे पर मौत का तांडव! बरेला में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने 6 गोवंश को कुचला, 5 की दर्दनाक मौत
हाईवे पर मौत का तांडव! बरेला में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने 6 गोवंश को कुचला, 5 की दर्दनाक मौत

जबलपुर। जबलपुर-रायपुर नेशनल हाईवे क्रमांक 30 पर बरेला थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। यहां शराब दुकान के सामने सड़क पर बैठे गोवंश को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि 5 गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोवंश गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि हाईवे पर गोवंश सड़क के किनारे अथवा सड़क पर बैठे हुए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार में आए अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद सड़क पर मवेशियों के शव बिखर गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भी आक्रोश देखने को मिला।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल जबलपुर-रायपुर नेशनल हाईवे क्रमांक 30 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो रहा है। आखिर व्यस्त हाईवे पर गोवंश खुलेआम सड़क पर क्यों बैठे हैं? क्या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी नहीं है? अगर जानकारी है तो इन बेजुबान जानवरों को सड़क से हटाने और हादसों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही?
घटना जिस स्थान पर हुई, उसके सामने शराब दुकान भी संचालित है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि हाईवे किनारे वाहनों की तेज आवाजाही और सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। आज हादसे में पांच गोवंश की जान गई है, लेकिन अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में इंसानी जान भी खतरे में पड़ सकती है।
हादसे में घायल हुए गोवंश की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने घायल मवेशी को बचाने के प्रयास किए। वहीं हादसे के बाद अज्ञात वाहन और उसके चालक की जानकारी जुटाने की जरूरत है, ताकि लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
यह हादसा सिर्फ पांच बेजुबान जानवरों की मौत की कहानी नहीं, बल्कि हाईवे की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है। सड़क पर घूमते और बैठे गोवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अब इस सवाल को प्रमुखता से उठा रहा है—हाईवे पर बेजुबानों की मौत का सिलसिला आखिर कब रुकेगा और जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?



