जबलपुर:महापौर के आदेश पर राइट टाउन स्टेडियम में कब्ज़े की कोशिश,मीडिया को देखकर भागे निगम अधिकारी, बिना लिखित आदेश के कार्रवाई,स्मार्ट सिटी ने बताया लीज़ भूमि
SET NEWS,जबलपुर। शहर का गौरव राइट टाउन स्टेडियम गुरुवार को प्रशासनिक मनमानी और सत्ता के दबाव का केंद्र बन गया। नगर निगम का अमला बिना किसी लिखित आदेश या अनुमति के स्टेडियम परिसर में घुसा, और लोहे के खंभे गाड़कर एन्ट्री गेट व ग्रीन एरिया को बंद कर दिया। यह स्टेडियम स्मार्ट सिटी द्वारा कौंत्येय वेंचर को विधिवत लीज़ पर दिया गया है, जिसकी पुष्टि मौके पर मौजूद स्मार्ट सिटी अधिकारियों ने की। इसके बावजूद निगम कर्मियों ने महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के मौखिक निर्देश का हवाला देते हुए कब्ज़ा करने की कार्रवाई की, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया।
मीडिया के सवालों से बौखलाए अधिकारी, भाग खड़े हुए मौके से-
विवाद की खबर पर जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे और सवाल-जवाब शुरू किए, तो निगम अधिकारी बिना कोई जवाब दिए भाग खड़े हुए। किसी ने कोई लिखित आदेश, अनुमति पत्र या दस्तावेज़ तक नहीं दिखाया, जिससे यह पूरा प्रकरण और संदिग्ध हो गया।
महापौर की मंशा पर उठे सवाल-
सूत्रों के अनुसार, महापौर अन्नू इस क्षेत्र में “ऑलंपिक भवन” निर्माण करवाना चाहते हैं और इसे प्रस्तावित स्थल बताया है। जबकि सवाल यह है कि जब राज्य सरकार ने पहले ही स्टेडियम को लीज़ पर देकर टेंडर जारी कर दिया और कार्य प्रारंभ हो चुका है, तब महापौर किस अधिकार से कब्ज़े का आदेश दे रहे हैं?
रिश्तेदारी और स्वार्थ का खेल?
खास बात यह है कि महापौर के सगे रिश्तेदार ऑलंपिक संघ के पदाधिकारी हैं, और कैंपस में बने जिम पर वर्षों से उनका कब्ज़ा बताया जा रहा है। ऐसे में यह कार्रवाई किसे उपकृत करने की कोशिश है, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।
जनता ने जताया विरोध, जांच की मांग-
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने इस मनमानी को शक्ति का खुला दुरुपयोग बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि प्रशासन सच्चाई सामने लाता है या सत्ता संरक्षण में यह मामला भी दबा दिया जाएगा।
