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अमखेरा बस्ती हादसा: लापरवाही की बलि चढ़ा मजदूर, बिजली विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा

अमखेरा बस्ती हादसा: लापरवाही की बलि चढ़ा मजदूर, बिजली विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा

जबलपुर के अमखेरा बस्ती में हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की घोर लापरवाही का नतीजा है। मेंटेनेंस के नाम पर एक आउटसोर्स कर्मचारी को बिना पर्याप्त सुरक्षा और बिना ‘शटडाउन’ के बिजली के खंभे पर चढ़ा देना सीधे-सीधे उसकी जान से खिलवाड़ था। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी अनुमति से जिंदा लाइन पर काम कराया जा रहा था?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारी जैसे ही खंभे पर चढ़ा, अचानक हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह कोई प्राकृतिक हादसा नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही और गैरजिम्मेदारी का जीता-जागता उदाहरण है। अगर नियमों का पालन किया जाता, तो एक परिवार आज उजड़ने से बच सकता था।
परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों को सस्ते मजदूर की तरह इस्तेमाल करता है, लेकिन उनकी सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। न तो सही उपकरण दिए जाते हैं, न ही काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता है। ऐसे में यह मौत एक चेतावनी है कि सिस्टम में कहीं न कहीं गहरी खामियां हैं।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका साफ कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। यह आक्रोश सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि उन सभी मजदूरों का है जो रोज अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं।
अब सवाल प्रशासन और बिजली विभाग से है—क्या इस मौत के बाद भी सिस्टम नहीं जागेगा? क्या हर बार ऐसे ही एक-एक जान जाती रहेगी और जिम्मेदार सिर्फ जांच के नाम पर बच निकलेंगे?
यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

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