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आतंक का अंत: 31 मामलों का आरोपी छोटू चौबे एनएसए में गिरफ्तार, हथियारों के साथ दबोचा”

खौफ का खात्मा: कुख्यात बदमाश छोटू चौबे एनएसए में गिरफ्तार, पिस्टल-कारतूस के साथ धराया” अपराध का ‘किंगपिन’ गिरफ्तार: छोटू चौबे पर एनएसए की बड़ी कार्रवाई, हथियारों सहित पकड़ा गया”

जबलपुर पुलिस ने शहर में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने कुख्यात बदमाश छोटू चौबे उर्फ सुयश चौबे को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। संगठित अपराधों में शामिल इस शातिर आरोपी पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे 31 गंभीर अपराध पहले से दर्ज थे। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ बड़ी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

मामला मदनमहल थाना क्षेत्र का है, जहां क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि छोटू चौबे अपने किराए के मकान में अवैध हथियार के साथ छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल संयुक्त टीम गठित की गई और स्नेह नगर स्थित मकान पर दबिश दी गई।

पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसने कमरे की टेबल के ड्रॉअर में पिस्टल छिपाना कबूल किया। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक पिस्टल और उसमें लोड 6 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके साथ ही आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने सख्त रुख अपनाया और जिला दण्डाधिकारी राघवेन्द्र सिंह के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव रखा। आदेश जारी होते ही पुलिस ने आरोपी को एनएसए वारंट में गिरफ्तार कर लिया, जिससे अब उसे लंबे समय तक जेल में रखा जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छोटू चौबे का क्षेत्र में इतना खौफ था कि लोग उसके खिलाफ शिकायत करने से भी डरते थे। वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा और हर बार कानून से बचने की कोशिश करता रहा। लेकिन इस बार पुलिस ने उसकी हर चाल पर पानी फेरते हुए उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

इस पूरे ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच और थाना मदनमहल की टीम ने संयुक्त रूप से काम किया। कार्रवाई में उप निरीक्षक दिनेश गौतम के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, आरक्षक सतीष दुबे, प्रदीप टेकाम, राजेश मिश्रा, राजेश मात्रे तथा थाना मदनमहल के सहायक उप निरीक्षक हल्केराम भलावी, प्रधान आरक्षक निर्मल सनोडिया, आरक्षक अभिषेक और महिला प्रधान आरक्षक सायवंती की अहम भूमिका रही।

यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब जबलपुर में संगठित अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है—पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

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