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दिनदहाड़े बमबाजी: बदमाशों ने कानून को दी चुनौती, करोड़ों के वैध ठेके पर हमला: कमीशन न मिलने पर बदमाशों की बमबाजी, मड़ाई शराब दुकान के कर्मचारी असुरक्षित

दिनदहाड़े बमबाजी: बदमाशों ने कानून को दी चुनौती, करोड़ों के वैध ठेके पर हमला: कमीशन न मिलने पर बदमाशों की बमबाजी, मड़ाई शराब दुकान के कर्मचारी असुरक्षित

जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र के मड़ाई इलाके में स्थित कंपोजिट शराब दुकान पर हुई बमबाजी की घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या वैध तरीके से करोड़ों रुपए का ठेका लेकर व्यवसाय करने वाले ठेकेदार और उनके कर्मचारी सुरक्षित हैं?
वैध कारोबार को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, मड़ाई स्थित शराब दुकान, जिसे ठेकेदार प्रियंका जायसवाल द्वारा संचालित किया जा रहा है, पर दो नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े सूअरमार बम फेंक दिए। इस दौरान दुकान पर मौजूद कर्मचारी राजेश पटेल और अन्य स्टाफ बाल-बाल बच गए। एक बम फटने से अफरा-तफरी मच गई, जबकि दूसरा जिंदा बम मौके से बरामद किया गया।
कमीशन नहीं देने पर हमला—गंभीर आरोप
दुकान से जुड़े सूत्रों और कर्मचारियों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ असामाजिक तत्व लंबे समय से अवैध कमीशन की मांग कर रहे थे। ठेकेदार द्वारा इस तरह की अवैध मांगों को ठुकराने के बाद बदमाशों ने दबाव बनाने और दहशत फैलाने के लिए इस हमले को अंजाम दिया।
कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि “हम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। जब दिनदहाड़े बम फेंके जा रहे हैं, तो हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?” यह बयान इस पूरे मामले की गंभीरता को साफ दर्शाता है।

 

प्रशासन और पुलिस की भूमिका
घटना के बाद रांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले में सीएसपी सतीश साहू ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।

वहीं, आबकारी विभाग के जिला अधिकारी आर.के. सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतनी बड़ी राजस्व देने वाली दुकानों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस नीति बनाई गई है या नहीं।

 

CCTV में कैद अपराधियों की करतूत
पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें साफ दिख रहा है कि किस तरह दो नकाबपोश युवक आते हैं और बम फेंककर फरार हो जाते हैं। इसके बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होना चिंता का विषय है।
ठेकेदारों के समर्थन में व्यापारी
इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य व्यापारियों और ठेकेदारों ने भी ठेकेदार संजय तिवारी के समर्थन में आवाज उठाई है। उनका कहना है कि यदि वैध कारोबार करने वालों को इस तरह निशाना बनाया जाएगा, तो यह सीधे-सीधे अपराधियों के हौसले बढ़ाने जैसा होगा।
मड़ाई की यह घटना केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि वैध व्यवसाय पर हमला है। प्रशासन को चाहिए कि वह सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी भी ठेकेदार या कर्मचारी को इस तरह की दहशत का सामना न करना पड़े।

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